पंंकज शर्मा, रायपुर : कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से होम आइसोलेशन संबंधी नए निर्देश जारी किए गए हैं। सभी जिलों के होम आइसोलेशन के नोडल अधिकारियों को गत दिवस वीडियो कान्फे्रन्सिंग के माध्यम से निर्देश दिए गए कि संक्रमितों को होम आइसोलेशन के लिए अनुमति तभी दी जाए जब प्रभारी यह आश्वस्त हो जाएं कि मरीज घर में रहकर कोविड प्रोटोकाल,आइसोलेशन के नियमों का पालन करेगा। अनुमति देने के बाद मरीज के घर तत्काल दवाई पहुंचानी चाहिए। 60 वर्ष से अधिक उम्र के और अन्य गंभीर बीमारी वाले व्यक्तियों को यह अनुमति नही दी जानी चाहिए। मरीज या उनकी देखभाल करने वाला व्यक्ति यदि आॅक्सीजन स्तर की जांच ,तापमान आदि ले पाने में सक्षम नही हो तो उन्हे अस्पताल में ही भर्ती कराना चाहिए। दूर-दराज के इलाकेां में जहां पास में स्वास्थ्य सुविधा नही हो उन्हे भी अस्पताल में ही भर्ती करने की सलाह देनी चाहिए। मरीजों को होम आइसोलेशन कंट्रोल रूम के फोन नंबर, चिकित्सकों के नंबर देना चाहिए। जिस चिकित्सक को मरीज की जिम्मेदारी दी जाती है वह नियमित रूप से मरीज से बात करे। यदि मरीज फोन से नही बात कर रहा है तब उसके घर जाकर उसकी स्थिति पता करने का दायित्व भी नोडल अधिकारी का होता है। होम आइसोलेशन वाले मरीजों को यह जरूर बताना चाहिए कि खतरे के चिन्ह कौन-कोैन से है जैसे आॅक्सीजन का स्तर 95 से कम हो या लगातार बुखार हो आदि। उस स्थिति में तुरंत अस्पताल रिफर करना चाहिए। सामान्यतः कुल मरीजों में से लगभग 70 प्रतिशत मरीज होम आइसोलेशन में रहते हैं इसलिए इसका समुचित प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है और यह मृत्यु दर को कम करने में भी सहायक होता है।


















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