अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
रायपुर -- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में राज्य स्तरीय महिला सम्मेलन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। सीएम बघेल ने अपने सम्बोधन भाषण का शुरुआत में नारी शक्ति को सलाम करते हुये कहा कि देश को भारतमाता कहते हैं , और प्रदेश को छत्तीसगढ़ महतारी कहा जाता है , साथ ही छत्तीसगढ़ कौशल्या माता की नगरी है। वहीं उन्होंने छतीसगढ़ की पहली महिला सांसद मिनीमाता, तीजनबाई , फूलबासन बाई , ममता चंद्राकर सहित कई महिलाओं की प्रदेश में विशेष भूमिका होना भी बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश व देश की बेटियों की धमक अब धरती से लेकर आकाश तक हो गई है। परिवार में हो या समाज में महिलाओं का प्रदेश और देश में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ऑटो चलाने से लेकर लड़ाकू विमान उड़ाने तक में महिलाओं ने महत्वपूर्ण भागीदारी निभायी है। महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर सीएम बघेल ने कहा कि बेटी, बहु और मातायें कमजोर होंगी तो परिवार कमजोर होगा। इसलिये राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की शुरुआत की है। महिलाओं को स्वास्थ्य की समस्या बताने में कई बार संकोच होती है, इसलिये दाई दीदी क्लीनिक योजना का शुभारंभ किया गया है , जिसमें डॉक्टरों से लेकर सभी कर्मचारी महिला होंगे। इस संबंध में इसके सख्ती से क्रियान्वयन के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। महिला शिक्षा पर जोर देते हुये सीएम ने कहा छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं की संख्या भी अधिक हैं। बेटियों को ज्यादा पढ़ाना चाहिये इसलिये हमने बेटियों की 12वीं तक की शिक्षा निःशुल्क की है। महिलाओं की आय बढ़ाने को लेकर सीएम ने कहा कि 20 लाख महिलाओं को स्वसहायता समूह से जोड़ने में हम सफल हुये है। इससे महिलाओं की आय में लगातार वृध्दि हो रही है। लाख, कोदो-कुटकी, शहद की खेती कर बस्तर के दूरस्थ अंचलों में भी महिलायें बेहतर काम कर रही हैं , मेरी लोगों से अपील है कि लैंगिक विषमता को दूर करना चाहिये। स्वयं के बारे में निर्णय लेने की क्षमताओ के साथ बेटियां को तैयार करना होगा।उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा में महिलाओं के समूह ने कपड़े की फैक्ट्री डाली है जिसका नाम डैनेक्स हैं। कुटीर उद्योग , ग्रामीण क्षेत्र के उद्योगों को बढ़ावा दिया जायेगा. इसके अलावा महिलाओं के लिये पिंक रूम की व्यवस्था की गई है , हर नगर निगम के हर जोन में पिंक रूम बनाये जायेंगे और डॉयल 112 की व्यवस्था महिलाओं के लिये भी अलग से की जायेगी। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया , संसदीय सचिव डॉ. रश्मि आशीष सिंह , छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक , जनप्रतिनिधिगण , आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं सहित बड़ी संख्या में महिलायें उपस्थित थी।


















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