मुंगेली छत्तीसगढ़
मुंगेली :- ग्राम पंचायत रोहरा खुर्द वहीं कोरोना वायरस व लाकडाउन के मद्देनजर सामाजिक दुरी सोशल डिस्टेंस का विशेष ध्यान रखकर मनाया गया। सर्वप्रथम बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित करने के पच्क्षात बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को याद किया गया। इस समय देश में कोरोना वायरस फैल हुआ है। वही इसके बचाव के लिए शासन प्रशासन के द्वारा अनिवार्य रूप से सभी लोगों को सोशल डिस्टेंस का विशेष ध्यान रखना, और अपने-अपने घरो में रहने और मास्क, पहनने की अपील की गई है।
भारत रत्न संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती विशेष हर साल 14 अप्रैल को मनाई जाती अंबेडकर जयंती
भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जन्म जयंती हर साल 14 अप्रैल को एक त्यौहार के रूप में भारत ही नहीं दुनिया के और कई देशों में भी मनाई जाती है। जीवन भर समानता के लिए संघर्ष करने वाले डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के दिन को उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए 'समानता दिवस' और 'ज्ञान दिवस' के रूप में भी मनाया जाता है। डॉ. अंबेडकर विश्व भर में उनके मानवाधिकार आंदोलन, संविधान निर्माण और उनकी प्रकांड विद्वता के लिए जाने जाते हैं। यह दिवस उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के दिन तमाम सरकारी दफ्तरों सहित भारत के बौद्ध विहारों में भी उनकी जयंती मनाकर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया जाता है। भारत सहित दुनिया के 100 से अधिक देशों में भी डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जन्म जयंती मनाई जाती है।
भारत रत्न संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती विशेष डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के योगदान को याद करने के लिये हर साल 14 अप्रैल को एक उत्सव दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन उनके स्मरणों को अभिवादन किया जाता हैं। जयंती के दिन भारत के कई राज्यों में सार्वजनिक अवकाश के रूप में घोषित किया जाता है। हर वर्ष भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं अन्य राजनैतिक, सामाजिक संगठनों के लोग उनके योगदान को याद करते हुए नमन करते हैं। इस दिन सार्वजनिक लगी उनकी प्रतिमाओं पर पुष्पमाला अर्पित कर उनकी मूर्ति के सामने परेड भी करते हैं।
डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के दिन हिंदुस्तान के गावों, नगरों, छोटे-बड़े शहरों में एक जुनून के साथ जयंती पर्व मनाया जाता है। सबसे ज्यादा महाराष्ट्र राज्य में यह जयंती बडे पैमाने पर मनाई जाती है। देश में विभिन्न सांस्कृतिक आयोजित भी किये जाते हैं- जिसमें चित्रकारी, सामान्य ज्ञान प्रश्न-उत्तर प्रतियोगिता, चर्चा, नृत्य, निबंध लेखन, परिचर्चा, खेल प्रतियोगिता और नाटक जिसके लिये पास के स्कूलों के विद्यार्थीयों सहित कई लोग भाग लेते हैं।
इस मौके पर धर्मेन्द्र खुटे, रोहित बघेल, उमेश बंजारा, नंदकुमार खुटे, तुकप्रसाद बंजारा, धर्मेन्द्र मिरे, नवीन मंगेशकर, जागदीश जांगडे, साधेलाल मंगेशकर, बिशन बारमाते, अजय जांगड़े, सोनू नवरंग, समीर बघेल, प्रकाश बघेल, अविंद्र जांगडे, चद्रप्राकश बंजारा, हितेश बघेल, दिपेश जांगडे, गोपाल नवंरग, लाला टंडन, जितेंद्र आहिरे, पारस बघेल, बेदराम बघेल, भागदास मंगेशकर, सूरज बघेल, खेलन आहिरे, उमाशकर बारमाते, राजेंद्र खांडेकर, सुखचंद खुटे, उपथित रहे।
सी एन आई न्यूज के लिए मुंगेली से सुखबली खरे की रिपोर्ट


















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