महेंद्र शर्मा रिपोर्टर
प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ में कोरोना के बढ़ते हुए आंकड़ों के मद्देनजर राज्य की भूपेश सरकार को यह सुझाव दिया है कि भाटागांव, रायपुर स्थित नए बस टर्मिनल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को कोविड-19 सेंटर में तब्दील किया जा सकता है जिससे राजधानी में अस्पतालों में हो रही बिस्तरों की समस्या से निजात मिल सकती है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों और निजी स्कूलों (जो कि बंद हैं), शादी घर, मैरेज हॉल, कालेज आदि भवनों व जगहों को भी अपने अधीन लेकर उन्हें कोविड-19 सेंटर में तब्दील किया जा सकता है जिससे राजधानी के अस्पतालों में चल रही ऑक्सीजन बेड की समस्या का समाधान हो सकता है और जो अफरा-तफरी मची हुई है उस पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सकता है।
प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि अगर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल संवेदनशीलता का परिचय देते हुए यह सुझाव मानते हैं तो कोविड-19 के पॉजिटिव मरीजों के इलाज की व्यवस्था भी हो जाएगी और मरीजों के साथ जो परिजन संक्रमित हो रहे हैं वे भी सुरक्षित रहेंगे तथा परिणामस्वरूप कोविड-19 के आंकड़ों पर नियंत्रण लगेगा। साथ ही मुख्यमंत्री को पूरे प्रदेश में कम से कम 20 दिनों के लिए लॉकडाउन लगा देना चाहिए जिससे कि कोरोना कैरियर्स की जो चेन है वह टूट पाए।
मुझे यकीन है कि अगर इस विपत्ति के समय इस प्रकार के सुझाव छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मानते हैं तो हम कोरोना से बहुत जल्द ही जंग जीत लेंगे और उनके इस निर्णय में पूरा प्रदेश उनके साथ है।
*प्रकाशपुन्ज पाण्डेय, समाज सेवी, रायपुर, छत्तीसगढ़।*
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