अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
रायपुर -- छत्तीसगढ़ में कोरोना को हराने में शासन के साथ-साथ सभी वर्ग और समाज के लोगों की महत्वपूर्ण भागीदारी रही है। जैन समाज और शासन के परस्पर सहयोग से स्थापित यह नया अस्पताल कोविड के खिलाफ हमारी लड़ाई को और अधिक मजबूत करेगा। उनके द्वारा अपनी गौरवशाली परम्परा के अनुरूप इस विकट परिस्थिति में भी मानवता की सेवा के लिये प्रभावी पहल की है। यह अन्य समाज और संगठनों के लिए प्रेरणादायी है।
उक्त बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राजधानी के माना एयरपोर्ट के सामने जैनम मानस भवन में सर्वसुविधायुक्त 100 बिस्तरीय जैनम कोविड हास्पिटल के शुभारंभ करते हुये कही। सीएम बघेल ने बघेल ने आगे कहा कि कोविड की दूसरी लहर के दौरान तेजी से बढ़ते संक्रमण ने पूरे देश में कई तरह की चुनौतियां उपस्थित की है। इसके तहत मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोत्तरी से संसाधनों की कमी होने लगी थी। परन्तु छत्तीसगढ़ में जितनी तेजी के साथ संक्रमण फैला , हमने उतनी ही तेजी से नियंत्रित करने में सफलता भी अर्जित की है।
यहां स्वास्थ्य सुविधाओं सहित आवश्यक संसाधनों का तेजी से विस्तार किया गया। राज्य में बेहतर कोविड प्रबंधन के कारण आज हम संक्रमण की गति को कम करने में सफल हुये हैं। यहां पिछले एक सप्ताह के दौरान जितने लोग कोरोना से संक्रमित हुये उससे ज्यादा लोगों ने इससे स्वस्थ हुये हैं। इस तरह कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिये टेस्टिंग , टेसिंग और वैक्सीनेशन की रणनीति पर चलते हुये हम लगातार सुविधाओं का विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने जैन समाज के सहयोग से निर्मित इस नि: शुल्क हास्पिटल हेतु जैन समाज के प्रति आभार व्यक्त करते हुये कहा कि सभी की एकजुटता और सहयोग से कोरोना को हराने में जरूर सफल होंगे। बताते चलें कि जैनम कोविड हॉस्पिटल में वेंटिलेटर , छह आईसीयू बेड , 42 ऑक्सीजन बेड तथा पैथालॉजी लैब , एम्बुलेंस सहित विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधायें उपलब्ध है।


















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