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Friday, May 28, 2021

शासन प्रशासन के संरक्षण में आदिवासी ट्रायवल क्षेत्र बैहर एवं परसवाड़ा में रेत का अवैध उत्खनन का कार्य चरम पर है।

 बालाघाट



 बैहर ।  शासन प्रशासन के संरक्षण में आदिवासी ट्रायवल क्षेत्र बैहर एवं परसवाड़ा में रेत का अवैध उत्खनन का कार्य चरम पर है।


-बता दें कि बालाघाट जिले के ट्रायवल क्षेत्र परसवाड़ा, बैहर  में अवैध रेत का उत्खनन के चलते नदी नालों की स्थिति अत्यंत दयनीय होती जा रही है जीवन दायिनी कहने वाली यह नदी नाले अब दम तोड़ती नजर आ रही है एक ओर जहां वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी जल जंगल और जमीन बचाने की दम भरते हैं वहीं दूसरी ओर उनकी हकीकत कुछ और ही बयां करती नजर आ रही है क्षेत्र में हो रहे नदी नालों की दोहन से क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य दलसिंह पन्द्रे ने चिंता जाहिर की है। जिनके द्वारा शासन प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा गया कि  बिना रोक-टोक के अवैध रेत का उत्खनन होना कहीं ना कहीं शासन प्रशासन की संलिप्तता को दर्शाता है


इसी के चलते क्षेत्र में अवैध रेत का कारोबार धड़ल्ले से जारी है क्षेत्र में वन विभाग राजस्व विभाग की नदी नाले अवैध रेत उत्खनन के चलते दम तोड़ती नजर आ रही है रेत माफियाओं द्वारा नदी नालों से लगातार रेत निकाला जा रहा है जिसके कारण जलस्तर भी कम होता चला जा रहा है पशु पक्षी भी पानी की तलाश में दर-दर भटकते नजर आ रहे हैं परसवाड़ा क्षेत्र के रेत माफियाओं द्वारा पैसे कमाने के लालच में जंगल और नदी नालों को उजाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं और शासन-प्रशासन के जवाबदार अधिकारी कर्मचारी कुंभकरण की नींद सो रहे है। इससे यहां प्रतीत होता है कि इनके द्वारा रेत माफियाओं से सांठगांठ कर अपनी स्वार्थ साधने में लगे हुए हैं। जिसके कारण रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं


सी एन आई न्यूज के लिये बैहर से    बृजेश भीवगढ़े की रिपोर्ट ।

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