लोकेशन-सुकमा
संवाददाता-संजय सिंह भदौरिया
कलेक्टर बोले— गलत रास्ता त्यागें और सही रास्ता चुनें, सही रास्ता चुनकर ही मैं आज इस मुकाम पर पहुंचा हूँ
जनपितुरी सप्ताह में 8 नक्सलियों ने किया सरेंडर…
कलेक्टर बोले- गलत रास्ता त्यागें और सही रास्ता चुनें, सही रास्ता चुनकर मैं आज कलेक्टर बना
सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। नक्सलियों के जनपितुरी सप्ताह के दौरान 8 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर नक्सलवाद से तौबा कर ली।
बता दें कि पुलिस व सीआरपीएफ अफसरों के समक्ष इन नक्सलियों ने सरेंडर किया। पुलिस के मुताबिक आत्मसमर्पित नक्सली कई वारदातों में शामिल रहे हैं। नक्सलियों की खोखली विचारधारा से मोहभंग होने और शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन्होंने आत्मसमर्पण किया।
शुक्रवार को सीआरपीएफ डीआईजी योग्यान सिंह, कलेक्टर विनीत नंदनवार और एसपी केएल ध्रुव के सामने 8 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इस दौरान इन्हें प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
नक्सलियों द्वारा सरेंडर करने पर अफसरों द्वारा उनकी हौसला अफजाई की गई। कलेक्टर विनीत नंदनवार ने नक्सलियों से अपील करते कहा कि सही रास्ता चुनें और गलत रास्ते का त्याग करें।
कलेक्टर ने कहा, ‘मैं भी बस्तर का रहने वाला हूं, सही रास्ता चुनने पर मैं आज आईएएस बना और बतौर सुकमा कलेक्टर कार्य कर रहा हूं।’
‘यह लोकतांत्रिक व्यवस्था का ही कमाल हैं, इसलिए सही रास्ता चुने और गलत रास्ते का त्याग करें। कलेक्टर ने कहा, ‘हमारे जो लोग समाज की मुख्यधारा से भटक गए हैं उनसे मेरी अपील हैं कि वापस घर लौटें और मुख्यधारा में जुड़कर एक बेहतरीन जीवन जिएं।’






















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