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Friday, June 11, 2021

इस वर्ष भी बिना श्रद्धालु आयोजित होगा पुरी रथयात्रा

 

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 

जगन्नाथपुरी - कोरोना वायरस संकट को देखते हुये इस साल भी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को सीमित तरीके से मनाने का फैसला किया गया है। पिछली बार की तरह इस साल भी श्रद्धालुओं को रथ यात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई है , सिर्फ रथ खींचने वाले सेवक ही मौजूद रहेंगे। ओडिशा में 12 जुलाई को निर्धारित वार्षिक रथ यात्रा से एक माह पहले राज्य सरकार ने घोषणा की है कि इस साल भी श्रद्धालुओं को रथयात्रा उत्सव में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होगी।

 यह उत्सव कोविड-19 संबंधी प्रोटोकॉल के सख्त अनुपालन के बीच केवल जगन्नाथपुरी में आयोजित होगा। राज्य सरकार ने कहा है कि पिछले साल उच्चतम न्यायालय की ओर से जारी किये गये सभी दिशानिर्देशों का इस अवसर पर अनुष्ठानों के दौरान अक्षरश: पालन करना होगा। ऐसे में सिर्फ कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट और वैक्सीन की दोनो डोज लेने वाले ही रथयात्रा के दौरान मौजूद रहेंगे।विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पीके जेना ने कहा कि इस साल भी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पुरी में बिना श्रद्धालुओं के होगी। प्रशासन ने राज्य के अन्य हिस्सों में इस तरह के समारोहों के आयोजन पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने कहा कि केवल चयनित कोविड निगेटिव और टीके की दोनों खुराकें ले चुके सेवकों को ही ‘स्नान पूर्णिमा और अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लेने की अनुमति दी जायेगी।


रथ यात्रा के दिन इस पवित्र नगर में कर्फ्यू  लगाया जायेगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष के रथ यात्रा कार्यक्रम के दौरान लगाई गई सभी पाबंदियां इस बार भी लागू रहेंगी। श्रद्धालु इन कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण टेलीविजन और वेबकास्ट पर देख पायेंगे। उन्होंने कहा कि नौ दिन तक चलने वाली रथ यात्रा तय कार्यक्रम के अनुरूप शुरू होगी और प्रत्येक रथ को महज पांच सौ सेवकों को इस दौरान रथ खींचने की अनुमति होगी ,

 जिसमें पुलिसकर्मी और अधिकारी भी शामिल होंगे। इस दौरान सभी नियमों और दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जायेगा। उन्होंने कहा केवल आवश्यक और आपात सेवाओं को ही उत्सव के दौरान अनुमति होगी। इस दौरान पुरी में वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही बताया कि रथ निर्माण का कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और इसके रास्ते में कोई बाधा ना आये यह सुनिश्चित करने के लिये जरूरी कदम उठाये गये हैं।


गौरतलब है कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने 18 जून 2020 को कोरोना महामारी को देखते हुए रथ यात्रा पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 11 दिशानिर्देश जारी किए थे, जिसमें कर्फ्यू भी शामिल था। ओडिशा सरकार ने कहा था कि सार्वजनिक उपस्थिति के बिना उत्सव का संचालन संभव है, जिसके बाद कोर्ट ने रथ यात्रा निकाले जाने को लेकर रास्ता साफ कर दिया था। कोर्ट ने पुरी में प्रवेश मार्गो को बंद करने और राज्य सरकार को कर्फ्यू लगाने का आदेश दिया था।

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