लोकेशन-सुकमा
संवाददाता-संजय सिंह भदौरिया
*माओवादियों के तेलंगाना स्टेट कमेटी मेम्बर कट्टी मोहन राव उर्फ प्रकाशन उर्फ दामू की हार्ट अटैक से हुई मृत्यु....*
*नक्सलियों में शोक की लहर*
माओवादियों के तेलंगाना स्टेट कमेटी मेम्बर कट्टी मोहन राव उर्फ प्रकाशन उर्फ दामू की 10 जून को हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई जिससे तेलंगाना एवं छत्तीसगढ़ के नक्सलियों में शोक की लहर छा गई है, तेलंगाना स्टेट कमेटी भाकपा (माओवादी) के प्रवक्ता जगन ने प्रेस नोट जारी करते हुए यह जानकारी दी जगन ने मोहन राव को एक महान क्रांतिकारी बताते हुए प्रेस नोट में उसकी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए लिखा कि
मोहन राव क्रांतिकारी जौहर नागलबाड़ी की दूसरी पीढ़ी के नेता थे। कट्टी मोहनाराव अब शारीरिक रूप से हमारे सामने नहीं हैं। 10 जून 2021 को सुबह 11.30 बजे दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। जिससे तेलंगाना और दंडकारण्य के क्रांतिकारियों को मातम में डाल दिया। जगन ने मोहन राव के पारिवारिक पृष्ठ भूमि का जिक्र करते हुए लिखा की कट्टी मोहन राव का एक बड़ा भाई, एक छोटी बहन और एक छोटा भाई है।जब मोहनराव 35 वर्ष का था तब उसकी माता का देहांत हो गया। जेल में रहने के दौरान ही उसके पिता की मृत्यु हो गई थी। शिक्षा में बहुत सक्रिय रहते हुए महबूबाबाद में इंटर, खम्मम में डिग्री और काकतीय विश्वविद्यालय में एमएससी पीजी पूरा किया। दोहरा स्वर्ण पदक अर्जित किया। उनके परिवार की वामपंथी विचारधारा थी ,
*1985 में गिरफ्तार होकर जेल गया*
प्रवक्ता जगन ने लिखा कि मोहन राव को 1985 में खम्मम जिले में एक बार गिरफ्तार किया गया था और 6 साल जेल में बिताए थे। एक राजनीतिक कैदी के रूप में उन्होंने अपने हिस्से को राजनीतिक रूप से जिम्मेदार ठहराया। राजनीतिक बंदियों के कम्यून के लिए, उन्होंने जेल अधिकारियों के साथ उनके अधिकारों के लिए लड़ने में अपनी भूमिका निभाई। कम्यून के सचिव भी था। जेलों में भी प्रदर्शन किया और कई क्रांतिकारीयों को प्रशिक्षित किया, 1991 की शुरुआत में जेल छोड़ दिया और 1992 के अंत में एक डीवीसी के रूप में कार्यभार संभाला, लेकिन बीमारी के कारण अस्पताल गए और दूसरी बार उन्हें गिरफ्तार किया गया। वह जेल से वापस आया और अतूर नगरम के सदस्य और बाद में पांडव दल दस्ते क्षेत्र समिति का सदस्य बना।
*अस्थमा ,शुगर,बीपी से पीड़ित था मोहनराव*
अस्थमा, बीपी और शुगर जैसे रोग, एक लंबे समय से मोहन राव को जकड़े हुए था कट्टी मोहन राव 10 जून की सुबह 10 बजे अपने साथियों को प्रणाम किया, "अमर है" का नारा लगाया और अपने डेरे में चले गया।
*नक्सलियों ने अपने रीति रिवाज के साथ किया अंतिम संस्कार*
नक्सलियों ने 11 जून को सुबह 10 बजे एक स्मारक सेवा सभा का आयोजन किया व पीएलजीए बलों ने एवं उपस्थित लोगों ने नक्सल नारों के साथ जुलूस निकाला और नक्सल परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार किया।
*परिजनों के प्रति की संवेदना व्यक्त*
तेलंगाना स्टेट कमेटी ने कट्टी मोहन राव के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की क्योंकि वे उनके परिजनों को उनका मृत शरीर देने में सक्षम नहीं थे।




















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.