अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
नई दिल्ली -- अफसरों की पढ़ाई देश सेवा में काम आती है। आपको हमेशा ये याद रखना है कि आप एक श्रेष्ठ भारत के भी ध्वजवाहक हैं , इसलिये आपकी हर गतिविधि में नेशन फर्स्ट , आलवेज फर्स्ट यानि राष्ट्र प्रथम , सदैव प्रथम की भावना झलकनी चाहिये। आप जैसे युवाओं पर बड़ी जिम्मेदारी है , इनमें महिला अफसरों की भूमिका भी अहम है।
उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हैदराबाद स्थित प्रमुख पुलिस प्रशिक्षण संस्थान सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के ट्रैनी आईपीएस अधिकारियों को बीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करते हुये कही। ये वह प्रमुख संस्थान है जहां अखिल भारतीय सिविल सेवा परीक्षा के जरिये चुने गये भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों को प्रशिक्षित और सेवारत आईपीएस अधिकारियों के लिये विभिन्न सेवाकालीन पाठ्यक्रम भी संचालित करता है। इस दौरान उन्होंने आईपीएस प्रोबेशनर्स से बातचीत भी की। इस कार्यक्रम के जरिये पीएम ने पुलिस और जनता के संबंधों , दायित्वों में परस्पर सहयोग तथा सामुदायिक सेवा और सामूहिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आप सभी लोग सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडमी में ट्रेनिंग पूरी होने के बाद आने वाले समय में अलग-अलग राज्यों में पुलिस अधिकारी बनेंगे ,आप मन से देश की सेवा कीजिये। नक्सलवाद पर सरकार ने लगाम लगाई है , नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास हुआ है। मैं आशा करता हूं कि युवा लीडरशिप इसे आगे बढ़ायेगी। आपको एक मंत्र हमेशा याद रखना होगा कि फील्ड में रहते हुये आप जो भी फैसला लें, उसमें देशहित और राष्ट्रीय परिपेक्ष्य होना चाहिये। पीएम मोदी ने आगे कहा कि इस साल की 15 अगस्त खास है , आजादी की 75वीं वर्षगांठ इस बार पूरा देश मनायेगा। बीते 75 सालों में भारत ने एक बेहतर पुलिस सेवा के निर्माण का प्रयास किया है। पुलिस ट्रेनिंग से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर में भी हाल के वर्षों में बहुत सुधार हुआ है। मेरा हर साल ये प्रयास रहता है कि आप जैसे युवा साथियों से संवाद करूं आपके विचारों को जानूं , क्योंकि आपके विचार , सवाल , उत्सुकता , मेरे लिये भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सहायक होंगे। पीएम ने कहा कि नये संकल्प से इरादे से आगे बढ़ना है। अपराध से निपटने के लिये नया प्रयोग जरूरी है।
ऐतिहासिक दांडी मार्च का जिक्र करते हुये पीएम मोदी ने कहा कि नमक सत्याग्रह के साथ महात्मा गांधी ने लोगों के एक छोटे समूह के साथ साबरमती से दांडी मार्च की शुरुआत की थी। वर्ष 1930 से वर्ष 1947 के बीच देश में जो ज्वार उठा , जिस तरह देश के युवा आगे बढ़कर आये , एक लक्ष्य के लिये एकजुट होकर पूरी युवा पीढ़ी जुट गई , आज वही मनोभाव आपके भीतर अपेक्षित है। उस समय देश के लोग स्वराज्य के लिये लड़े थे , आज आपको सुराज्य के लिये आगे बढ़ना है। उन्होंने आगे कहा कि आप एक ऐसे समय पर केरियर शुरू कर रहे हैं जब भारत हर क्षेत्र , हर स्तर पर ट्रांसफॉर्मेशन के दौर से गुजर रहा है। आपके केरियर के आने वाले 25 साल भारत के विकास के भी सबसे अहम 25 साल होने वाले हैं। इसलिये आपकी तैयारी , आपकी मनोदशा , इसी बड़े लक्ष्य के अनुकूल होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हमारे पुलिसकर्मियों ने , देशवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है। इस प्रयास में कई पुलिस कर्मियों को अपने प्राणों ही आहुति तक देनी पड़ी है। मैं उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं और देश की तरफ से उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के बारे में पीएम मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में पुलिस फोर्स में बेटियों की भागीदारी को बढ़ाने का निरंतर प्रयास किया गया है। हमारी बेटियां पुलिस सेवा में एफिसिएंसी और अकाउंबेलिटी के साथ विनम्रता , सहजता और संवेदनशीलता के मूल्यों को सशक्त करती हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की ओर इशारा करते हुये कहा कि बचाव और राहत कार्यों में शामिल कर्मियों के साथ बहुत विश्वास जुड़ा हुआ है। पुलिस को अपनी सार्वजनिक छवि को भी सुधारने का प्रयास करना चाहिये , खासकर जब से देश वर्तमान में अपने इतिहास के सबसे गंभीर फेज से एक से गुजर रहा है। इस मौके पर केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह और गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय भी मौजूद थे।



















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