20 हेक्टेयर वनभूमि को अवैध कब्जाधारियों से कराया गया खाली
(बिरसा वनपरिक्षेञ अंतर्गत धोबघट बीट के ग्राम बोरी का मामला)
बिरसा वनपरिक्षेञ अंतर्गत उपवनपरिक्षेत्र दमोह के धोबघट बीट के ग्राम बोरी में वनभूमि को ग्रामीणों द्वारा किया गया अवैध अतिक्रमण को 24 अगस्त को भारी संख्या में पहुंचे वन कर्मियों ने करीब 20 हेक्टेयर वनभूमि को खाली कराकर उक्त वनभूमि पर मनरेगा के तहत बांस के पौधों का रोपण कराया गया।प्राप्त जानकारी अनुसार 24 अगस्त को बालाघाट वनमंडलाधिकारी उत्तर सामान्य के मार्गदर्शन, बैहर उपवनमंडलाधिकारी के निर्देशन में बिरसा वनपरिक्षेञ अधिकारी एस पी गोस्वामी के नेतृत्व में उकवा,बैहर एवं बिरसा के समस्त वन अमला द्वारा धोबघट बीट कक्ष क्रमांक 1706 ग्राम बोरी में लगभग 20 हेक्टेयर वनभूमि पर किये गए अतिक्रमण को खाली कराकर मनरेगा योजना के तहत बांस पौधों का रोपण कराया गया।बता दे धोबघट बीट के ग्राम बोरी में कई वर्षों से किया गया अतिक्रमण वनकर्मियों के सिर का दर्द बन गया था जिसको हटाने का कई बार प्रयास किया गया लेकिन वन अमला हर बार नाकाम रहा।अंततः तेजतर्रार एवम अपने कार्य के प्रति जागरूक रहने वाले बिरसा वनपरिक्षेञ अधिकारी एस पी गोस्वामी ने अपने व उच्च अधिकारियों के प्रयासों से करीब 20 हेक्टेयर वनभूमि को अवैध कब्जाधारियों से मुक्त कराया जो निश्चित ही सराहनीय प्रयास है।अब देखना यह है कि बचत अवैध अतिक्रमण को वन अमला कबतक खाली करवाने में सफल होता है।हालांकि हर सर्किल में कही न कही अतिक्रमण हुआ है लेकिन धोबघट बीट के ग्राम बोरी और मछुरदा सर्किल के ग्राम धर्मशाला का नाम प्रमुखता से समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जाता था।अब देखना यह है कि मछुरदा के ग्राम धर्मशाला में किया गया अवैध अतिक्रमण को कब खाली कराया जाएगा।


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.