मध्यप्रदेश
*मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में गौशालाओं के हाल-बेहाल... भूख से मर रही गाये... नहीं किया जा रहा भूसे का प्रबंध....*
सिहोर ।
गोवंश की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में कई ग्राम पंचायतो में गौशालाए बनवाई गई है, लेकिन इन गौ-शालाओं के हाल-बेहाल है, जहां पर प्रशासन द्वारा अनुदान राशि प्रदान की जाती है, लेकिन सचिव द्वारा गौशाला में चारे व भूसे की व्यवस्था तक नही की गई जिसके चलते गायों की मौत हो रही है।
मामला मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के विधानसभा क्षेत्र नसरुल्लागंज के ग्राम पंचायत निमोटा का है, जहां प्रशासन द्वारा गौशाला का निर्माण कराया गया है, लेकिन गौशाला में व्यवस्था व रखरखाव में बड़ी लापरवाही देखने को मिली।
ग्रामीणों की माने तो गौशाला में भुसा व चारे की व्यवस्था तक नहीं है। गौशाला में गाय तो रखी जा रही है, लेकिन चारा नहीं होने से वे भूखे मर रही है और प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है, वहीं ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सचिव से इस बारे में जानकारी दी गई है, तो वह भी उचित जबाव नही देते है।
वही ग्रामीणों का आरोप है कि प्रतिदिन लगभग ढेड से दो हजार रुपए की राशि क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा गायों को रखने व छोडने में जाती है, जिसके बाद भी सचिव द्वारा यह चारे की व्यवस्था नहीं की जा रही, तो कई माह से चौकीदारो को वेतन भी नही दिया गया है।
बात की जाए तो वरिष्ठ अधिकारी भी फोन नहीं उठाते हैं जिसके चलते सचिवों के हौसले बुलंद है, ग्राम पंचायत संबंधी जानकारी के लिए जब भी जनपद पंचायत सीईओ वृंदावन मीणा को दूरभाष के जरिए संपर्क करना चाहा, तो वह अपना फोन नहीं उठाते हैं, जिससे कहीं ना कहीं जनपद पंचायत सीईओ की सचिवों के साथ मिलीभगत को उजागर करता है।
ग्रामीणो का आरोप है कि जनपद पंचायत सीईओ वृंदावन मीना से शिकायत की गई, लेकिन उन्हें भी हकाल कर भगा देते है। देखा जाए तो सीईओ साहब "ग्रामीणों की सुनते नहीं और फील्ड में कभी दिखते नहीं" जब भी जनपद पंचायत जाकर साहब की जानकारी ली जाती है, तो कर्मचारी फील्ड का कहकर बात को टाल देते हैं, लेकिन इस रहस्य से भी पर्दा नहीं उठ पा रहा, कि साहब की फिल्ड है कहा।


















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