राजनांदगांव में पदस्थ आरक्षक वर्दी का धौंस दिखाते हुए शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को धमकाते हुए नजर आए।
राजनांदगांव/खैरागढ़. शिक्षिका के अधूरे आवेदन पर अवकाश नहीं देने से भड़के आरक्षक चाचा ने खैरागढ़ ब्लॉक एजुकेशन ऑफिस में जमकर हंगामा किया। राजनांदगांव में पदस्थ आरक्षक वर्दी का धौंस दिखाते हुए शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को धमकाते हुए नजर आए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है।
आरक्षक द्वारा बीईओ कार्यालय में कर्मचारियों के साथ किए गए दुव्र्यवहार की शिकायत शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने एसपी राजनांदगांव और स्थानीय थाने में की है। शिक्षिका, उसके पति और लालबाग थाना राजनांदगांव में पदस्थ आरक्षक के खिलाफ कार्रवाई कर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। मामला स्थानीय बीईओ कार्यालय में 4 अगस्त का है।
घटना वीडियो वायरल, एसपी से शिकायत
घटना का वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें आरक्षक पुलिस के वर्दी में बीईओ कार्यालय के कर्मचारी को चमकाते और अधिकारियों से बहस करते दिख रहे हैं। बीईओ कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड तीन भुनेश्वर ठाकुर ने स्थानीय थाने सहित एसपी राजनांदगांव को शिकायत सौंप कर कार्रवाई की मांग करते हुए अपनी आपबीती बताई है। उन्होंने बताया कि ब्लाक के पेंड्री कला में पदस्थ शिक्षिका प्रज्ञाकिरण शिंपी अपने पति गुरूदास शिंपी के साथ 4 अगस्त को बीईओ कार्यालय संतान पालन बाबत अवकाश लेने आवेदन लेकर पहुंची थीं। एक दिन पहले दिए इसी आवेदन में दस्तावेज की कमी के चलते कर्मचारी ने उन्हें दस्तावेज पूर्ण कर आवेदन जमा करने कहा था।
कानून का पाठ पढ़ाते दिखे आरक्षक
4 अगस्त को आवेदन लेकर शिक्षिका जब बीईओ कार्यालय पहुंची, उस दौरान आधे दिन का अवकाश लेकर लिपिक ठाकुर सामाजिक बैठक में चले गए थे। इस दौरान लिपिक को फोन करने पर उन्होंने शिक्षिका को अवकाश लेने की जानकारी देते घंटे भर रूकने अथवा आवेदन को आवक-जावक में देने कहा था। लिपिक ठाकुर ने कहा कि इस दौरान आरक्षक द्वारा गाली-गलौच कर परेशान करने और देख लेने की धमकी दी गई। फोन काटकर कार्यालय पहुंचने पर वहां पुलिस की वर्दी में पहुंचे आरक्षक बंसोड़ द्वारा अभ्रद व्यवहार कर वर्दी का धौंस दिखाते हुए गाली-गलौच किया गया। अपशब्द कहे और कानून बताने की धमकी देने लगे।
भुनेश्वर ठाकुर द्वारा दिए गए शिकायत में बताया गया कि स्वयं शासकीय कर्मचारी होने के बाद भी एक शासकीय कार्यालय में इस तरह अमर्यादित भाषा और व्यवहार के चलते वे व्यथित और परेशान हैं। आरक्षक बंसोड़ द्वारा भविष्य में देख लेने की धमकी देने से भयभीत हैं, जिससें भविष्य में किसी भी प्रकार की घटना हो सकती है। लिपिक ठाकुर ने कहा कि शिक्षिका उनके पति और आरक्षक चाचा द्वारा इस तरह से कार्यालय के भीतर गाली-गलौच करना किसी भी प्रकार से असहनीय है। लिपिक ने इसकी जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को दी है। खैरागढ़ थाना प्रभारी राजेश साहू ने बताया कि लिपिक के साथ लालबाग थाने में पदस्थ आरक्षक महेन्द्र बंसोड़ द्वारा दुव्र्यवहार किए जाने की शिकायत आई है। मामले में लिपिक का बयान लिया गया है। अन्य कार्रवाई भी जारी है। इसके बाद ही कार्रवाई तय होगी।
अन्य लोगों के साथ भी किया दुव्र्यवहार
आरक्षक महेंद्र द्वारा शिक्षा कार्यालय में लिपिक भुनेश्वर ठाकुर के अलावा अन्य लिपिक रविन्द्र सिंह गहरवार से भी दुव्र्यवहार किया गया। मामले को समझाने मौके पर पहुंचे बीआरसी भगत सिंह ठाकुर से भी उलझे और नियम कानून बताते रहे। इस दौरान बीआरसी ठाकुर सहित अन्य कर्मचारी शिक्षिका और उनके आरक्षक चाचा महेन्द्र बंसोड़ को समझाने का प्रयास कर नियमों का हवाला भी देते रहे, लेकिन वे हंगामा करते रहे।
आरक्षक चाचा को लेकर ऑफिस पहुंची महिला शिक्षक
शिक्षिका प्रज्ञाकिरण द्वारा संतान पालन के लिए अवकाश लेने आवेदन दिए जाने के दौरान विभागीय कर्मचारियों ने एक प्रमाणित दस्तावेज नियमानुसार संलग्र करने कहा था। दूसरे दिन भी वह दस्तावेज तो नहीं लाई लेकिन अपने आरक्षक चाचा को लेकर कार्यालय पहुंची। इस दौरान भी कर्मचारियों ने उन्हें नियमों का हवाला देकर केवल एक दस्तावेज के साथ आवेदन जमा करने कहा। ताकि बाद में अधिकारियों की उपस्थिति में उसे स्वीकृत कराया जा सके, लेकिन आवेदन नहीं लेने से नाराज होकर कार्यालय पहुंचे आरक्षक के हंगामे ने मामला बिगाड़ दिया। इधर लिपिक के साथ इस तरह की हरकत से लिपिक संघ सहित अनुसुचित जनजाति शासकीय सेवक संघ ने भी कड़ी आपत्ति जताते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की




















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.