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Tuesday, August 3, 2021

दिन रात में बैरा रेत घाट से अवैध खनन, प्रतिबंध है फिर भी रेत ठेकेदार तत्पर…

 दिन रात में बैरा रेत घाट से अवैध खनन, प्रतिबंध है फिर भी रेत ठेकेदार तत्पर…



कोरबा/-खनिज विभाग के चंद अधिकारियों की शह पर एवं उनके सीधे संरक्षण में पोड़ी उपरोड़ा के बैरा रेत घाट का ठेकेदार एक बार फिर राजस्व को चूना लगाने के लिए तैयारी कर चुका है।



हाल में हुई लगातार बारिश ने अवैध खनन कार्य को थोड़ा प्रभावित जरूर किया लेकिन मंगलवार को बारिश थमते ही मजदूर लगाकर शाम से यहां रेत निकालना शुरू किया गया है। इसमें कोई संदेह नहीं कि नियमों से परे जाकर प्रदान किए गए भंडारण क्षेत्र में मौजूद स्टॉक में रातों-रात वृद्धि हो जाए। रात के अंधेरे में यह काम बैरा घाट पर बिना किसी भय के हो रहा है जिसकी जानकारी स्थानीय सूत्र से मिली है। पुष्ट सूत्र बताते हैं कि नदी से रेत खोदकर उसे भंडारण में शामिल कर खपाने की पूरी योजना सांठ-गांठ पूर्वक तैयार कर ली गई है जिसमें राजस्व का लंबा-चौड़ा नुकसान शासन को होना तय है।रायल्टी पर्ची के खेल की भी शिकायत हो चुकी है।



इससे पहले भी प्रशासन के संबंधित अधिकारियों ने नियमों से परे जाकर इस ठेकेदार को रेत घाट में ही रेत भंडारण की अनुमति प्रदान कर दी जिससे इस बात का अंदाजा लगाया जाना कतई संभव नहीं रहा कि जितनी भंडारण क्षमता का लाइसेंस उसे मिला है, उससे कहीं ज्यादा रेत नदी से निकाल कर अपने भंडारण को सुरक्षित रखते हुए बाजार में खपाया गया। मुद्दा उछला तो आनन-फानन में खनिज अधिकारी ने खनिज निरीक्षक को जांच का जिम्मा सौंपा तो दिखाने के लिए 1 ट्रैक्टर को जब्त कर , अपने हिसाब से जांच-पड़ताल कर प्रतिवेदन ठेकेदार की मंशानुरूप अधिकारी को सौंप दिया। सीधी कार्यवाही की बजाय ठेकेदार के साथ नोटिस-नोटिस खेलकर उसे भंडारण स्थल को साफ करने का मौका दे दिया गया। भंडारण की आड़ में नदी से रेत निकाली जाती रही और अमला जानकर भी बेखबर रहा।


बता दें कि रेत के कारोबार से जुड़े कुछ ठेकेदार चंद अधिकारी की गोद में बैठकर एवं पूर्ण हितैषी बनकर प्रतिस्पर्धा को आपसी रंजिश में बदलने से भी परहेज नहीं कर रहे हैं। इसका उदाहरण विगत दिनों शिकवा-शिकायतों के रूप में सामने आया जबकि खनिज विभाग को चाहिए कि पूरी पारदर्शिता के साथ अपने प्रशासनिक शक्तियों का उपयोग करते हुए रेत घाटों के संचालन में विवाद को न आने दे और अवैधानिक कार्य को सख्ती से रोके। यहां इसके विपरीत काम हो रहा है व चंद ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए शासन- प्रशासन और शीर्ष अधिकारियों के निर्देश तो दूर भरी बरसात में रेत खनन पर लगाए गए प्रतिबंध व नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों/आदेशों का खुला उल्लंघन करने की अघोषित छूट प्रदान कर दी गई है।

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