Tv Journalist Nemish Agrawal ने बताया 15 अगस्त को क्यों मनाया जाता है स्वतंत्रता दिवस, आजादी दिवस, ये है वजह…..
भारत की आजादी और विभाजन के समय लुईस माउंटबेटन देश के वायसराय और बाद में भारत के पहले गवर्नर जनरल बने थे। माउंटबेटन ही वो शख्स थे जिसने भारत को सत्ता-हस्तांतरण के लिए 15 अगस्त की तारीख चुनी थी।
इस साल हम 75 वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। इस दिन हर भारतीय उत्साह से भरा हुआ नजर आता है और पूरा देश देशभक्ति की भावना में सराबोर रहता है। यह दिन भारत का राष्ट्रीय पर्व है। इस दिन सभी राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय सरकार के कार्यालय, बैंक, पोस्ट ऑफिस, बाजार, दुकानें, व्यापार, संस्थान आदि बंद रहते है। हालांकि, सार्वजनिक परिवहन बिल्कुल प्रभावित नहीं होता है। इसे बहुत उत्साह के साथ भारत की राजधानी दिल्ली में मनाया जाता है जबकि स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक समुदाय तथा समाज सहित दूसरे शिक्षण संस्थानों में भी मनाया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 1947 से पहले 26 जनवरी को भारतीय स्वतंत्रता दिवस के रूप में घोषित किया गया था। आइए जानते हैं फिर 15 अगस्त को कैसे मनाया जाने लगा स्वतंत्रता दिवस।
दरअसल, 1930 से लेकर 1947 तक 26 जनवरी के दिन भारत में स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाात था। इसका फैसला साल 1929 में हुई भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन में हुआ था, जो लाहौर में हुई थी। इस अधिवेशन में भारत ने पूर्ण स्वराज की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद सविनय अवज्ञा आंदोलन के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा भारतीय नागरिकों से निवेदन किया गया था साथ ही साथ भारत के पूर्ण स्वतंत्रता तक आदेशों का पालन समय से करने के लिए भी कहा गया।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 1947 में ब्रिटिश सरकार आश्वस्त हो चुकी थी कि वो लंबे समय तक भारत को अपनी शक्ति नहीं दिखा सकती। भारतीय स्वतंत्रता सेनानी लगातार लड़ रहे थे और तब अंग्रेजों ने भारत को मुक्त करने का फैसला किया। भारत की आजादी और विभाजन के समय लुईस माउंटबेटन देश के वायसराय और बाद में भारत के पहले गवर्नर जनरल बने थे। माउंटबेटन ही वो शख्स थे जिसने भारत को सत्ता-हस्तांतरण के लिए 15 अगस्त की तारीख चुनी थी।
वहीं लैरी कॉलिंग और डोमिनिक लैपियर ने अपनी किताब “फ्रीडम एट मिडनाइट” में माउंटबेटन द्वारा इस तारीख को चुनने की वजह बतायी है। किताब में माउंटबेटन कहते हैं, “ये दिन (15 अगस्त) मैंने यूं ही चुन लिया था। ये मैंने एक सवाल के जवाब के तौर पर चुना था। मैं दिखाना चाहता था कि सब कुछ मेरे काबू में है। जब मुझे पूछा गया कि क्या कोई तारीख तय की गई है, तो मुझे पता था कि ये जल्दी होना चाहिए। तब तक मैंने सब कुछ तय नहीं किया था लेकिन मुझे लगा कि ये अगस्त या सितंबर हो सकता है और फिर मैंने 15 अगस्त की तारीख तय कर दी। क्यों? क्योंकि ये जापान के आत्मसमर्पण की दूसरी बरसी थी?” दूसरे विश्व युद्ध के दौरान 15 अगस्त 1945 को जापान के राजा हिरोहितो ने आत्मसमर्पण कर दिया था। जापान के राजा ने इस दिन एक रेडियो पर जापान के आत्मसमर्पण की घोषणा की थी। जापान ने ब्रिटेन, अमेरिका और रूस इत्यादि देशों की एलाइज फोर्सेज के आगे आत्मसमर्पण किया था।
*15 अगस्त 1947 को लाल किले से नहीं फहराया गया था तिरंगा*
* स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त के दिन भारत के प्रधानमंत्री लाल किले से तिरंगा फहराते हैं, परंतु 15 अगस्त 1947 को लाल किले से तिरंगा नहीं फहराया गया था। लोकसभा सचिवालय के एक शोध के अनुसार नेहरू ने 16 अगस्त 1947 को लाल किले से तिरंगा फहराया था।
*15 अगस्त 1947 में भारत का कोई राष्ट्रगान नहीं था*
* भारत 15 अगस्त 1947 में आजाद हुआ। इस दिन तक भारत का अपना कोई राष्ट्रगान नहीं था। रवीन्द्रनाथ टैगोर 'जन-गण-मन' 1911 में ही लिख चुके थे, परंतु इसको राष्ट्रगान 1950 में घोषित किया गया।
*ये देश भी हुए 15 अगस्त को आजाद*
भारत को आजादी 15 अगस्त 1947 को मिली थी। भारत के लिए 15 अगस्त का दिन बहुत महत्वपूर्ण है।
*भारत के अलावा 15 अगस्त के दिन इन देशों को भी आजादी प्राप्त हुई थी...*
* दक्षिण कोरिया- 15 अगस्त 1945 में आजाद हुआ।
* बहरीन- 15 अगस्त 1971 में आजाद हुआ।
* कांगो- 15 अगस्त 1960 में आजाद हुआ।
सी एन आई न्यूज़ के लिए ब्यूरो रिपोर्ट


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.