आगरा को बाबा शिव की नगरी तेजोमहालय के रूप में ख्यापित होना चाहिये - पुरी शंकराचार्य
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
आगरा - ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर अनन्तश्री विभूषित श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य पूज्यपाद स्वामी श्रीनिश्चलानन्द सरस्वती जी महाराज राष्ट्र रक्षा अभियान के अंतर्गत आगरा प्रवास पर हैं l संगोष्ठी में महाराज श्री श्रद्धालु भक्तजनों के जिज्ञासाओं का समाधान करते हुये उन्होंने कहा कि आगरा प्राचीन नगरी है, उपनिषद् में इसका उल्लेख मिलता है अतः इसे तेजोमहालय एवं बाबा शिव की नगरी के रूप में ख्यापित करने की आवश्यकता है l इसी तरह उन्होंने कहा कि गृहस्थ जीवन का दो उद्देश्य होता है, प्रथम वंशपरंपरा में वृद्धि तथा दूसरा वैराग्य प्राप्ति के साधन के रूप में l क्षत्रिय धर्म का कर्तव्य है समाज की रक्षा करना विशेषकर विप्र समाज को संरक्षण प्रदान करना l जो व्यक्ति या समाज संस्कृति को नहीं मानते उनकी विकृति सुनिश्चित होती है l उन्होंने आगे बताया कि सनातन धर्म ही एकमात्र धर्म है जबकि अन्य धर्म सिर्फ धर्माभास हैं l देहत्याग के समय मन में जैसा भाव उत्पन्न होता है , जिस विषय भोग के प्रति आसक्ति होती है उसी के अनुरूप अगले जन्म में योनि मिलता है l

















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