शिवपुरी-न्यायालय ने रिश्वत लेने के मामले में पुलिस के एक प्रधान आरक्षक को 5 साल की सजा और ₹7000 का अर्थदंड दिया है। अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी हजारी लाल बेरवा के अनुसार प्रधान आरक्षक पीएस रघुवंशी ने अनिल त्रिपाठी नामक फरियादी को उसकी जली हुई राइफल वापस देने और लाइसेंस निरस्त करवाने की धमकी देकर ₹10000 की मांग की थी। इस शिकायत के आधार पर लोकायुक्त पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए 13 जनवरी 2017 को प्रधान आरक्षक पीएस रघुवंशी को अनिल त्रिपाठी से ₹8000 की रिश्वत लेते हुए अस्पताल चौराहा के पास जिला उद्योग केंद्र के समीप रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। लोकायुक्त पुलिस द्वारा संपूर्ण कार्यवाही कर चालान न्यायालय में पेश किया। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जिला शिवपुरी आरके मालवीय ने इस प्रकरण में उभय पक्ष की सुनवाई उपरांत आरोपी प्रधान आरक्षक को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000 का अर्थदंड तथा धारा 13 (1 )d-13 (2 )में 5 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹7000 के अर्थदंड से दंडित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी हजारी लाल बेरवा द्वारा की गई।

















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