अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
नई दिल्ली - राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में आज महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश की सुरक्षा के लिये अदम्य साहस का प्रदर्शन करने वाले भारतीय सेना के शूरवीरों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया। इस दौरान कुछ वीरों को मरणोपरांत भी सम्मान मिला। इस अलंकरण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बालाकोट एयरस्ट्राइक के अगले दिन पाकिस्तान के एफ -16 लड़ाकू विमान को मार गिराने वाले वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने युद्धकाल के लिये देश के तीसरा सर्वोच्च वीरता पदक 'वीर चक्र' से सम्मानित किया। इससे पहले अभिनंदन को पाकिस्तानी हवाई घुसपैठ को रोकने के लिये शौर्य चक्र से भी सम्मानित किया जा चुका है।अभिनंदन तमिलनाडु के रहने वाले हैं , उनके पिता भी एयरफोर्स में अधिकारी रह चुके हैं और उनका भाई भी एयरफोर्स में है। बताते चलें वीर चक्र दुश्मन की उपस्थिति में जमीन , समुद्र या हवा में साहस भरे कार्यों के लिये दिया जाता है। यह पुरस्कार विशेष रूप से उनको दिया जाता है जो वायुसेना , थलसेना , नौसेना , रिजर्व बलों , प्रादेशिक सेना और विधि द्वारा स्थापित किसी भी सशस्त्र बल का हिस्सा हो। इस अवसर पर इनके अलावा और कई शूरवीरों को भी शौर्य चक्र और कीर्ति चक्र से नवाजा गया।
गौरतलब है कि विगत 14 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर फिदायीन हमला किया था , जिसमें भारत के 40 जवान शहीद हो गये थे। इस हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिये भारतीय वायुसेना ने 26-27 फरवरी की रात पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक कर जैश - ए- मोहम्मद (जेईएम) के आतंकी शिविर को नष्ट कर दिया। भारत के इस हवाई हमले में पाकिस्तान में बैठे कई आतंकी भी मारे गये थे। वर्ष 1971 के भारत - पाकिस्तान युद्ध के बाद यह पाकिस्तान में भारत द्वारा किया गया पहला हवाई हमला था।एयरस्ट्राइक के अगले दिन 27 फरवरी को पाकिस्तान की वायुसेना ने बढ़े तनाव के कारण भारत की सीमा में घुसने की कोशिश की , लेकिन भारतीय वायुसेना ने उसे खदेड़ दिया। तत्कालीन विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान उस समय एमआईजी -21 उड़ा रहे थे , उन्होंने उसी विमान से पाकिस्तान के एफ -16 को मार गिराया था इससे दुनियां भर में उनकी तारीफ हुई थी। इसका कारण ये था कि एफ -16 बहुत ही एडवांस्ड लड़ाकू विमान था , जिसे अमेरिका ने बनाया था। जबकि मिग -21 रूस का बनाया 60 साल पुराना विमान था जिसे भारत ने वर्ष 1970 के दशक में रूस से खरीदा था। हालांकि बाद में अभिनंदन का विमान पाकिस्तान की सीमा में क्रैश हो गया और उन्हें पैराशूट की मदद से पाकिस्तान में उतरना पड़ा। जैसे ही उन्हें इस बात की जानकारी लगी कि वे दुश्मन के क्षेत्र में हैं , तो सबसे पहले उन्होंने जरूरी दस्तावेजों को नष्ट किया , ताकि देश की अहम जानकारी को गलत हाथों में लगने से बचाया जा सके। उस समय ये बात सामने आयी थी कि उन्होंने कुछ कागज चबाकर निगल लिये थे , जबकि कुछ तालाब में बहा दिये थे। जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने उन्हें बंदी बना लिया , हालांकि तीन दिन बाद भारत के दबाव में आकर उन्होंने अभिनंदन को रिहा भी कर दिया। पाकिस्तानी से लोहा लेने के लिये भारतीय वायुसेना ने हाल ही में उन्हें प्रमोट कर ग्रुप कैप्टन की रैंक दे दी , यह पद भारतीय सेना में कर्नल रैंक के बराबर होता है। उल्लेखनीय है कि अभिनंदन को पाकिस्तानी लड़ाकू विमान एफ -16 को मार गिराने के लिये शौर्य चक्र से सम्मानित का एलान पहले ही किया जा चुका था। लेकिन वैश्विक कोरोना महामारी के कारण यह सम्मान समारोह देरी से हुआ।
ये जाबांज भी हुये सम्मानित
आर्मी के सैपर प्रकाश जाधव को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया , इन्होंने आतंकियों के खिलाफ अभियान चलाया था। उनकी पत्नी और मां ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों यह सम्मान ग्रहण किया। इसी कड़ी में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में शहीद हुये मेजर विभूति शंकर ढोंढियाल को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। शहीर मेजर विभूति की पत्नी और मां ने राष्ट्रपति के हाथों यह सम्मान ग्रहण किया। मेजर विभूति ने अपने अभियान के दौरान पांच आतंकी को मार गिराया था। इसी तरह शहीद नायाब सूबेदार सोमबीर को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में एक ऑपरेशन में A++ कैटेगरी के आतंकी को मार गिराया था। उनकी पत्नी ने महामहिम राष्ट्रपति से ये सम्मान ग्रहण किया।इसी कड़ी में राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में पूर्वी कमांड के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (सेवानिवृत्त) , इंजीनियर इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह , दक्षिणी नौसेना कमांडर वाइस एडमिरल अनिल चांवला को परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। इसी तरह से पूर्वी वायु कमांडर एयर मार्शल दिलीप पटनायक को अति विशिष्ट सेवा पदक दिया गया है। इनके अलावा भी कई अन्य जवानों और अधिकारियों को वीरता पदकों से सम्मानित किया गया।

















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.