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Friday, November 19, 2021

कलियुग में संगठन ही शक्ति है - मोहन भागवत

 



अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट


मदकूद्वीप - अपने आप को पहचानो , हम उन ऋषियों के वंशज हैं जिन्होंने पूरी दुनियां को परिवार मानने का संदेश दिया। हमारा सत्य विविधताओं में मिल जुल कर रहना सिखाता है। यही हमें अच्छा मनुष्य बनाता है और यही सत्य हमें संपूर्ण दुनियां को बताना है। हिंदू धर्म इन्हीं विशेषताओं से भरा हुआ है हमें यह बातें दुनियां को सिखानी है पूजा करने का तरीका , यही जीने का तरीका है। हम बलशाली बनेंगे तो बचेंगे कलयुग में संगठन ही शक्ति है , समाज यदि मिलकर रहेगा तो यह हमें शक्तिशाली बनायेगा।


            उक्त बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मुंगेली जिले के मदकूद्वीप में आरएसएस की तरफ से आयोजित घोष शिविर कार्यक्रम में कही। इस दौरान उन्होंने मंच से अपनी बातें रखते हुये समाज , पर्यावरण और भारत की संस्कृति पर बात की। इशारों-इशारों में वे धर्म परिवर्तन करने वालों को भी मंच से चेतावनी दे गये। अपने संबोधन में मोहन भागवत ने कहा दुनियां के कई देश मानते हैं कि हम एक से होंगे तब एक होंगे , वो मानते हैं कि विविध होंगे तो हम अलग हो जायेंगे। मगर एक सा होने की जरूरत नहीं है , हमारी कई भाषायें हैं , प्रांत हैं , जाति-उपजाति सभी की विशेषता है। यह सभी एक सुंदर देश बनाती हैं और एक देश को पूर्ण करती हैं। हमें संपूर्ण दुनियां को बताना है कि संतुलन के साथ चलना और विविधता का सम्मान करना हमारी विशेषता है। किसी को बदलने की चेष्टा मत करो , सभी का सम्मान करो , विविधता के साथ चलो। हमारे पूर्वज कई देशों की यात्रा पर गये मगर कभी किसी पर अपनी ना थोपी। मोहन भागवत ने आगे कहा कि इस देश का एक ही धर्म है और वह है सत्य। हमने पूरे विश्व को परिवार मानने , सभी विविधताओं का सम्मान करनेज्ञ, घट-घट में राम का वास है , परमात्मा का वास है ये सत्य संपूर्ण दुनियां को दिया। हमसे हमेशा लड़ाई करने वाले चीन के लोग भी यह कहते हुये नहीं सकुचाते कि दो हजार साल पहले चीन पर अपनी संस्कृति का प्रभाव भारत ने जमाया था यह उनके लिये एक सुखद यादगार है । क्योंकि हमने अपनी पूजा के तरीकों को उन पर नहीं थोपा। बताते चलें मदकुद्वीप में सर संघचालक मोहन भागवत की मौजूदगी में पहली बार छत्तीसगढ़ लोकगीत "तोर कतका करव बखान" की धुन के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का घोष कार्यक्रम शुरू हुआ। स्वयं सेवकों ने इस दौरान सात प्रकार के वाद्य यंत्रों के साथ घोष प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ० रमन सिंह , नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक , वरिष्ठ नेता नंदकुमार साय , विधायक पुन्नूलाल मोहिले , शिवरतन शर्मा उपस्थित रहे।

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