नई दिल्ली : भारत में कोरोना संक्रमण के मामले 10 हजार से भले ही कम आ रहे हो, लेकिन कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से दुनिया के अन्य देशों समेत भारत भी चिंतित है। ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे के मद्देनजर भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए सोमवार से नई गाइडलाइन जारी की है। नई गाइडलाइन के मुताबिक, `एट रिस्क` यानी जोखिम वाले देशों से आने वाले विदेश यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही कोविड-19 टेस्ट से गुजरना होगा।इस दौरान कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक लिए लोगों को भी टेस्टिंग कराना अनिवार्य होगा।
नई गाइडलाइन्स की प्रमुख बातें
-`एट रिस्क` यानी जोखिम वाले देशों से आने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही कोरोना जांच कराना होगा।
-विदेश जाने वाले यात्रियों को 72 घंटे पहले किए गए आरटीपी-सीआर टेस्ट की रिपोर्ट दिखाना जरूरी होगा।
-संक्रमित पाए जाने वाले यात्रियों को आइसोलेट किया जाएगा, सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग भी होगी।
-निगेटिव रिपोर्ट आने पर यात्री घर तो जा सकते हैं, लेकिन एक सप्ताह तक उन्हें क्वारंटीन रहना पड़ेगा। इसके बाद 8वें दिन फिर टेस्ट होगा और अगले 7 दिन उन्हें सेल्फ मॉनीटिरिंग करनी होगी।
-ओमिक्रॉन के खतरे की श्रेणी से जिन देशों को बाहर रखा गया है, वहां से आने वाले यात्रियों में 5 फीसदी की टेस्टिंग जरूर की जाएगी।
-राज्य भी विदेशों से आने वाले यात्रियों की निगरानी करें, टेस्टिंग बढ़ाएं और कोरोना हॉटस्पॉट की भी निगरानी करें।

















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