काले कृषि कानूनों को पहले वापस ले लेते तो सैकड़ो किसानों की जान बच जाती।
आंदोलन में शहीद किसानों से मोदी माफी मांगे मुआवजा दें।
बालोद :- ।तीन कृषि कानून वापस लेने पर बालोद जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंद्रप्रभा सुधाकर ने कहा इन काले कानूनों को पहले ही वापस ले लेते तो इन कानूनों के विरोध के कारण चलाये जा रहे आंदोलन में सैकड़ो किसानों की जाने नही जाती। आशा है प्रधानमंत्री की यह घोषणा पूरी ईमानदार होगी इसके पीछे कोई और चाल नही होगी। इन कानूनों को तो संसद में प्रस्तुत करने के पहले जब अध्यादेश के रूप में लागू किया गया था उसी समय वापस ले लेना था। जिस कानून की विसंगतियों और दुष्प्रभाव को समझने में किसानों और देश की जनता को तीन घण्टे भी नही लगे उन काले कानूनों के बुरे प्रभावों को समझने में मोदी सरकार को एक साल से भी अधिक समय लग गया।
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंद्रप्रभा सुधाकर ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री कृषि कानून वापस लेने की घोषणा कर नए सिरे से शुरुआत करने की बात कर रहे ।लेकिन कृषि कानूनों के विरोध के आंदोलनों में जिन लोगो की जाने गयी है जब तक उनके घावों में मरहम नही लगेगा नए सिरे से शुरुआत कैसे होगी ? प्रधान मंत्री मोदी को इन शहीद किसानों आंदोलनकारियों के परिवारों से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिये तथा मृतकों को उचित मुआवजा भी दिया जाय।
सी एन आई न्यूज़ बालोद से उत्तम साहू की रिपोर्ट

















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.