बघेरा क्षेत्र वार्ड़ क्रं 56 मे विकास केवल कोरे कागज पर यहां के लोग शहर के योजनाओ जैसे सुविधाओ से वंचित निगम प्रशासन मौन...
स्वचछ अभियान का नारा हुआ फैल क्योकि इस वार्ड़ मे घरो एवं गली मोहल्लो से निकलने वाला कचड़ा को लोग तालाब के सामने रोड़ पर फेक देते हैं।
जिससे वह कचड़ा रोड़ पर या तालाब मे उडकर चला जाता हैं। जिससे प्रदूषण वातावरण लगातार बना रहता हैं। कारण यहां इस वार्ड़ मे कही पर भी कचड़ा डंप करने का साधन कंटेनर कि व्यस्था नही हैं।
इस वार्ड़ मे कही पर भी गौठान नही हैं। यहां के मवेशिया रोड़ एवं गली मोहल्ले मे घुमते नजर आयेंगे जबकि खासबात यह हैं।कि
बघेरा नगपुरा बाईपास रोड़ से लगा हुआ इसलिये रोड़ किनारे मवेशिया बैठे रहने से दुर्घटनाओ कि आशंका लगातार बनी रहती हैं।
बघेरा का मुक्तिधाम कई वर्षों से उपेक्षित हैं। मुक्तिधाम के आसपास छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की तीन कॉलोनियां है। जिसमें अटल आवास एसटीफ कॉलोनी, चंद्राकर कॉलोनी व नई हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी शामिल है।
मुक्तिधाम में चबूतरा बनाकर शेड लगाने के अलावा यहां कोई काम नहीं हुआ है। चारों तरफ कंटीली झाड़िया उगी हुई है। मुक्तिधाम तक जाने के लिए पहुंच मार्ग तक भी नहीं है।
मुक्तिधाम के आस पास कांलोनीनियां बस चुकी है। यहां के रहवासियों का कहना हैं। कि बाउंड्रीवाल न होने के कारण मुक्तिधाम साफ दिखता है। जब किसी दिवंगत का अंतिम संस्कार होता हैं ।तब घर से जलता चिता दिखाई देता है।
हाउसिंग बोर्ड़ कांलोनी वासियो का कहना हैं।कि बिजली पोल तो लगे हैं। लेकिन उस पोल मे लाईट नही लगे और जिस पोल मे लाईट लगे हैं।वह लाईट कई दिनो से बंद पढ़े हैं।
इसकी शिकायत कई बार बिजली के अधिकारी को सुचित किये हैं। उसके बाद भी आज तक सुधार नही हुआ हैं। लोग अंधेरे मे चलना मजबूर दिखाई दे रहे हैं।
अमृत मिशन के अंतर्गत नल कलेक्शन के लिये जो रोड़ की खुदाई कि थी उसके बाद उस रोड़ को टेम्परी ऊपर से सीमेंट के परत से ऐसी ढलाई कर दिये जिससे वह रोड़ बैठ गये और वह रोड़ आज चलने की स्थिति मे नही हैं।
और पुरी तरह से खराब हो गई हैं। और उस रोड़ कि वजह से लोगो को आने जाने मे बहुत ही धिक्कत का सापना करना पढ़ता हैं।और न ही जिम्मेदार अधिकारी उस रोड़ के बारे मे एक्शन लेना उचित नही समझे
इस वार्ड़ मे कही पर भी नई नाली का निर्माण नही हुआ हैं।और न ही यहां पुरानी नालियां साफ होती हैं। यहां रेलवे क्रासीग के पास बडी़ नाली कई दिनो से जाम हो गई हैं।
जिससे पानी कि निकासी नही हो पा रहा हैं।कुछ दीन पहले इस जगह का कमीशनर हरेश मंडा़वी ने निरक्षण किया था उसके बाद भी इस वार्ड़ कि सभी नाली बजबजा रही हैं।
आज तक साफ नही हुआ हैं। वार्ड़ के लोग जब अपने घरो के सामने के नालियो की सफाई कराते हैं। तो कर्म चारियो को पचास रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक देते हैं।
और वही कर्मचारी तभ जाके उनके घरो के सामने के नालियां एवं गटर साफ करते हैं। ऐसा वार्ड़ के लोगो का कहना हैं।
इस वार्ड़ मे जो शौचालय का निर्माण हुआ है उस सैप्टीटैंक का पानी ओभर फलो होकर रोड़ एवं गली व घरो के सामने भर जाते हैं। जिससे लोगो को काफी धिक्कतो का सामना करना पढ़ता हैं।
सिवरेज का गंदा पानी काफी बदबू दार होता जिससे लोगो को बीमार होने का भय लगातार बना रहता हैं।
तीनों कॉलोनियों में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए न एक चबूतरा है न कोई भवन कॉलोनी के लोगों को कहना है कि एक सामुदायकि भवन व एक चबूतरा निर्माण जरूरी है। दोनों के लिए जगह उपलब्ध है।
चबूतरा न होने के कारण कालोनी के लोग राष्ट्रीय पर्व पर सड़क किनारे कार्यक्रम आयोजित कर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। शादी ब्याह व शोक के कार्यक्रम के लिए भी एक सुविधायुक्त भवन की दरकार है
जहां बिजली पानी समेत बुनियादी सुविधाएं उलब्ध हो। लोगों ने कई बार अपनी समस्या को पार्षद एवं मंत्रियो के सापने रखने का प्रयास किया एवं इन समस्याओं से अवगत कराया गया है। उसके बाद भी आज तक कोई भी विकास कार्य नही हुआ हैं।
बघेरा शीतला मंदिर डोगियां तालाब से कुआ चौक होते हुए 'रेल्वे लाईन तक मुख्य नाली निर्माण ।
बघेरा शीतला मंदिर से कुंआ चौक पार्षद निवास होते हुए रेल्वे फ्रासिंग तक सी.सी. रोड़ निर्माण !
इन्द्रा नगर: साँईनगर से चांदनी पारा तक सड़क निर्माण!
साँई नगर के विभिन्न स्थानों में डब्ल्यू. एम. एम. सड़क निर्माण |
बघेरा मुक्तिधाम में बाउण्ड्रीवाल टिनशेड निर्माण एवं नाली निर्माण एवं एस० टी० एफ० कालोनी सांई नगर बघेरा के विभिन्न गलियों में सी०सी० जाली निर्माण
गया नगर रामनगर चौक से शीतला मंदिर होते हुए शुलभ शौचालय तक एवं इंदिरा नगर नयापारा चौक तक सीर्मेटी करण सड़क निर्माण कार्य
इस वार्ड़ मे अमृत मिशन के अंतर्गत नल कनेक्शन नही हुआ हैं। जिससे यहां के नागरिको को पानी के लिये एक ही बोरिंग का सहारा रहता हैं। यहां पानी की बहुत ही किल्लत हैं।
ब्रम्ह कुमारी आनंद सरोवर के दीदी लोगो का कहना हैं। कि इस रोड़ मे दो कि.मी कि रास्ता सफर करने पर हम पुरी तरह से धूल मिट्टी मे नहा डा़लते हैं।
बघेरा से कोटनी मार्ग जो ब्रम्हा कुमारी आनंद सरोव भवन रोड.विगत कई दिनो से खराब हैं। जिससे यहां के एवं बाहर से आने जाने वाला व्यक्ति इस रोड़ पर चलने से अपने आप को सुरक्षा महसूस नही करते
कारण जगह जगह रोड़ का गढ्ढा होना एवं बरसात के दिनो मे पानी गीर जाने से किचड़ के कारण एवं रात के समय मे लाईट नही होने के कारण लोगो को इस रोड़ मे चलना बहुत ही मुश्किलो का सामना करना पढ़ता हैं।
कुछ दिन पहले इस क्षेत्र मे गृहमंत्री आये थे तो इस रोड़ का निरक्षण किया था और इस रोड़ के संधारण के लिये अस्सी लाख रूपये की घोषणा किये थे
लेकिन रोड़ बनना तो दुर कि बात गढ्ढे को भी भर पाना समज से परे हैं। इस वार्ड़ के विकास को देखकर ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि कही न कही पार्टी विपक्ष होने के कारण यहां के विकाश मे ग्रहण लगा हुआ हैं।
बघेरा वार्ड़ मे पहली क्लास से लेकर बारहवी क्लास तक स्कूल संचालित होती हैं।जिसमे पांचवी क्लास तक स्कूल सुबह पाली लगती हैं। और बारहवी क्लास का स्कूल बारह बजे लगता हैं। लेकिन खासबात यह हैं।

















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