सेवा की इच्छुक व्यक्ति प्रतिदिन सप्ताहिक और मासिक तौर पर अपना श्रमदान कर सकता है इस पुनीत कार्य में सहभागिता हेतु संगठन के सदस्यों से संपर्क कर सकते हैं ...
पर्यावरण संरक्षण हेतु जन जागरण के कार्य हेतु भारत के पूरे प्रांत में भरमन पर निकले माननीय डाक्टर अनिल सिंह अपने सहयोगी माननीय मनीष के साथ हमारे भिलाई मे पौधारोपण हुआ
इस दौरान पर्यावरण मित्र मंडल के संरक्षक बालूराम वर्मा एवं सहयोगी पर्यावरण मित्रों द्वारा स्थापित नर्सरी जोकि रशियन कांप्लेक्स सेक्टर 7 में स्थित है वहां लगभग विभिन्न प्रजाति के 15000 पौधा निशुल्क वितरण हेतु रखा गया है
जहां पर फलदार छायादार एवं शोभायमान पौधा तैयार किया हुआ है आम नागरिकों से निवेदन किया जाता है वहां से वन होम वन ट्री योजना के तहत निशुल्क पौधा वितरण किया जाता है साथ ही साथ पौधों की सुरक्षा हेतु लागत मूल्य पर ट्री गार्ड प्रदान किया जाता है
यहां पर सेवा धारी पर्यावरण मित्रों की सहायता से विभिन्न क्षेत्रों में नर्सरी तैयार करने पौधा रोपनी जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने प्रयास जारी है इसके लिए संसाधन जुटाने का कार्य संगठन की ओर से किया जाएगा
सेवा की इच्छुक व्यक्ति प्रतिदिन सप्ताहिक और मासिक तौर पर अपना श्रमदान कर सकता है इस पुनीत कार्य में सहभागिता हेतु संगठन के सदस्यों से संपर्क कर सकते हैं आदि का जानकारी माननी डॉक्टर अनिल सिंह को दिया भ्रमण के समय उन्होंने इस नर्सरी का बहुत ही सराहना किया
साथ ही साथ इस प्रयास को विभिन्न पर्यावरण प्रेमियों को सहयोग देने हेतु आवाहन किया भ्रमण के साथ ही साथ सिविक सेंटर में एक बरगद का वृक्ष यादगार के रूप में रोपण भी किया और इस अवसर पर एक विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया और इस गोष्ठी में उन्होंने अपना विचार व्यक्त करते हुए मुख्य रूप से भूमि गगन अग्नि वायु नीर का संतुलन साधने के लिए पृथ्वी ने जो आवरण बिछा हुआ है
वास्तव में पर्यावरण हैं इसे संरक्षण करना हमारे नैतिक दायित्व है जल जमीन जंगल जानवर और जन समुदाय का संरक्षण तभी संभव है जब हम इसके लिए हम मानव जाति को ही आगे आना पड़ेगा इसमें हम जनजागृति के माध्यम से जन सहयोग जन आंदोलन चला सकते हैं
जनजागृति व्यक्तिगत रूप से सामाजिक रुप से और व्यवसायिक स्थानों में भी किया जा सकता है व्यक्ति गत रूप से हम स्वयं आगे आएं साथ ही साथ इसमें हम अपने परिवार और घर को भी जोड़ें सामाजिक रूप से हम गांव मंदिर आश्रम उद्यान मठ आदि विभिन्न जगहों में पर्यावरण संरक्षण का जन जागरण चला सकते
व्यवसायिक स्थल जैसे कारखाने खेत अस्पताल शिक्षण संस्थाएं व अन्य विभिन्न प्रकार की संस्थाएं धार्मिक स्थल आदि जगहों पर जन जागरण का प्रयास किया जा सकता है उन्होंने हरित घर फाइव स्टार के बारे में भी हमको जन जागरण का लाने का प्रयास किए इसके अंतर्गत घर का पानी घर में घर का कचरा घर में जीव जंतु एवं पक्षियों का संरक्षण के साथ-साथ ऊर्जा बचत और पंचवटी अपने घर में 5 पौधों का रोपण के बारे में विशेष जानकारी दिया ताकि पर्यावरण का संरक्षण हो सके
पेड़ पानी पॉलिथीन मुक्त पर लोगों को जन जागरण करने का प्रयास किया अपने विचार प्रस्तुत करते हुए पौधा लगाने पानी की बचत करने एवं पॉलीथिन मुक्त भारत की ओर जोर देते हुए बोले कि हमें अधिक से अधिक पौधा लगाना चाहिए
एवं उनका लगाने तक कि नहीं उनको छोटे से बड़ा होते तब उनको सरक्षण प्रदान करने पर भी जोर देना चाहिए दूसरा कम से कम पानी का भी उपयोग करें ताकि पानी की जो कमी हो रहा है वह कमी दूर हो जाए तीसरा पॉलीथिन जो पूरी जमीन को बंजर बना रहा है और साथ ही साथ एक विकराल रूप प्रदूषण के रूप में फैल रहा है
उस से मुक्त पा सकें हमारे बीच महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विचार मंच के पूरे छत्तीसगढ़ का संयोजक माननीय मनोज ठाकुर ने जी भी इस विचार गोष्ठी में अपने विचार व्यक्त करते हुए लोगों से निवेदन किया कि हर एक व्यक्ति कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं ताकि हमारे पर्यावरण का संरक्षण हो सके हमारे बीच उपस्थित ऑक्सीजन के अध्यक्ष माननीय रोहित देवांगन ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण के बारे में कहा कि
हमें पर्यावरण प्रकृति द्वारा प्रदत एक अनमोल उपहार है जल जंगल और जमीन ए तीन अनमोल चीजें प्रकृति द्वारा हमें दी गई है और यही हमारा पर्यावरण अतः हमें इन प्राकृतिक चीजें की सुरक्षा और संरक्षण हमारा नैतिक दायित्व है
स्वस्थ पर्यावरण ही स्वस्थ जीवन और समाज दे सकता है इसी कड़ी में विचार गोष्ठी में लकी अग्रवाल ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीकी के कारण मशीनों से विभिन्न प्रकार की जहरीली गैस निकलती है जो पर्यावरण को दूषित करती है
हमें उनसे बचाव हेतु कुछ सशक्त कदम उठाना चाहिए इसके अलावा कई प्रदूषण के कारण हैं जो हम सब जानते हैं हमें उनसे बचाव हेतु जागरूकता अभियान चलाना होगा इसी कड़ी में पर्यावरण मित्र मंडल के बालूराम वर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारा पर्यावरण जितना हरा भरा और स्वच्छ होगा हमारा जीवन भी उतना ही स्वस्थ और आनंदित रहेगा
हमें पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए कुछ आवश्यक कार्य करने होंगे जैसे कि कचरे को उचित जगह पर ही फेंके या पैकिंग पॉलीथिन का प्रयोग ना करें पानी की बर्बादी ना करें बिजली का प्रयोग संतुलित रखें जल का संरक्षण करें पर्यावरण बचाने हेतु वृक्ष लगाएं और उनका पोषण भी करें लोगों को बताएं कि प्रकृति की पूजा ही सच्ची ईश्वर की सेवा है
पर्यावरण मित्र मंडल के अध्यक्ष माननीय एके पांडे ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हम सच्चे भक्त हैं तो हम ईश्वर की दी हुई जमीन पानी इन सभी चीजों को प्रदूषित होने से बचाना चाहिए हमें बच्चों को भी पर्यावरण से जोड़ना चाहिए इसके लिए हमें जन्मदिन या अन्य किसी उत्सव पर पौधारोपण करने के लिए उत्साहित करना चाहिए
इसी कड़ी में हमारे बीच बीएसपी से सेवानिवृत्त जीएम माननीय श्री मोहन देशपांडे जी बने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अब प्रकृति का कर्ज चुकाने की बारी है प्रकृति ने हमें भरपूर दिया है हर चीज दोनों हाथों से लेकिन अंधाधुन विकास से धरती पर मौजूद प्राकृतिक संसाधन अब प्रभावित हो रहे हैं पर्यावरण को नुकसान हो रहा है
इसका संरक्षण सिर्फ उन लोगों की चिंता का विषय नहीं है जो सीधे तौर पर इसे बचाने में लगे हैं यह उनके लिए भी चिंता का कारण है जो नदियों पहाड़ों झीलों जंगलों और हवा की शुद्धता और पवित्रता का सपना देखते हैं
प्राकृतिक संसाधनों को होने वाले नुकसान से सिर्फ पृथ्वी और पर्यावरण ही दुष्प्रभाव नहीं होता दीर्घकाल में इससे आर्थिक विकास भी प्रभावित हुआ है लिहाजा अब समय आ गया है जब हम सब प्रकृति का कर्ज उतारने की दिशा में गंभीरता से विचार करें इसके लिए अपनी नीति में प्राकृती की सर क्षण जिस विधि से हो सुधार की जरूरत है
इसी कड़ी में सृष्टि चौहान ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रशिक्षण पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने घर से करें पर्यावरण बचाने की शुरुआत पर बल देते हुए बोली कि आने वाली पीढ़ी को स्वास्थ्य रखने के लिए पर्यावरण को दूषित होने से बचाना जरूरी है इसके लिए हमें अपने घर से ही शुरुआत करना जरूरी है
किसके लिए सिंगल यूज पॉलीथिन का उपयोग कम से कम करें का उपयोग कचरा ना जलाएं तेज रोशनी वाली लाइट ना जलाएं कार और बाइक की सर्विसिंग समय समय मैं करते रहे है घर में ही कुछ अवधि युक्त पौधे लगाएं जिसे तुलसी दो नींबू पदीना आदि सियाराम कश्यप पेड़ पौधों पशु पक्षी और नदी पहाड़ हमारे पारंपरिक जीवन में एक वृहद परिवार हैं
शायद बहुत पहले ही से समझा जा चुका था कि प्रकृति और मनुष्य एक दूसरे के पर्याय है प्रकृति तो मनुष्य के बिना वजूद में रहती है लेकिन इंसान का वजूद प्रकृति की बिना संभव ही नहीं है प्रकृति में बहुत कुछ शामिल है बल्कि तो कह सकते हैं कि प्राकृतिक में हर चीज शामिल हुआ करती है
शायद इसीलिए हमारे उत्सव में त्योहारों में प्राकृतिक प्रतीक के तौर पर जोड़ती है हेमंत ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए बोले की आधुनिकता इस दौर में प्राकृतिक संसाधनों का भारी पैमाने पर दोहन किया जा रहा है
इनका आम जीवन पर बुरा असर पड़ा है हम नकली जिंदगी की तरफ भाग रहे हैं वनों के योगदान को हम जानकर भी नासमझ हैं महत्व समझे बिना पेड़ों को जिंदगी से काट रहे हैं यह गलत है एसके सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि
हम अपने आसपास के माहौल को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में कामयाब हो जाएं तो निश्चित रूप से हम अपने पर्यावरण की रक्षा करने में सफल रहेंगे डीपी चौधरी ने कहा कि हम तेजी से पेड़ काटते जा रहे हैं धड़ाधड़ परमाणु परीक्षण करते जा रहे हैं
फसलों के लिए रसायनिक खादों का प्रयोग करते जा रहे हैं भूगर्भ जल और प्राकृतिक साधनों का दोहन करते जा रहे हैं पृथ्वी को खोखला और आसमान को प्रदूषित करते जा रहे हैं हमें चेतना होगा वरना प्राकृती हम सबको सिर्फ दंडित ही नहीं बल्कि तबाह कर देगी दुर्गा प्रसाद सोनी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए
धरती के 10 बड़ी चुनौतियां जैसे जनसंख्या वृद्धि का बोझ तपती धरती पिघलते ग्लेशियर बिन पानी धरती कटते जंगल जमीन बंजर बढ़ते रेगिस्तान खत्म संसाधन और प्रदूषण संकट स्वास्थ्य संकट आदि 10 बड़ी चुनौतियां हमारे सामने हैं उन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण ही इनका सही हल है योगेश जीने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि
अपने बच्चों को सुख सुविधा देने और उसका भविष्य सुरक्षित करने की कोशिश में हम अपनी धरती और पर्यावरण पर अत्याचार कर रहे हैं इसका हमें गुमान भी नहीं है अतः हमें सुविधा की चीजों का दुरुपयोग करेंगे तो वह दुविधा का कारण बन जाएंगे इसलिए जागरूक रहना जरूरी है
ऑक्सीजन समूह दुर्ग से हेमंत सृष्टि चौहान लक्की अग्रवाल दुर्गा प्रसाऊ.द सोनी पर्यावरण मित्र मंडल भिलाई से बालूराम वर्मा मनोज ठाकरे सियाराम कश्यप एसके सेन एके पांडे डीपी चौधरी योगेश सहारे मोहन देश पांडे आदि सहयोग प्राप्त हुआ

















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