घुम्मुर की बैगा महिला लमिया बाई का हुआ आपरेशन
जटिल आपरेशन के बाद कर रही है स्वास्थ्य लाभ
बिरसा/बालाघाट।जिले के दूरस्थ आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के ग्राम घुम्मुर की निवासी बैगा जनजाति की लमिया बाई तीन सालों से अपना ईलाज नहीं करा पा रही थी। लगभग तीन साल पहले उसकी जांघ एवं कमर की हड्डी में फ्रेक्चर हो गया था। गरीबी के कारण वह अपना उपचार नहीं करा पा रही थी। लेकिन अब आयुष्मान योजना में उसका उपचार कराया जा रहा है। जिला प्रशासन की पहल पर उसका समाधान हास्पिटल बालाघाट में डॉ अजित गनवीर द्वारा आपरेशन कर दिया गया है और वह स्वास्थ्य लाभ ले रही है। आपरेशन के बाद लमिया बाई अब अपने पैरों से चलने लगी है। कुछ दिनों के बाद वह पहले की तरह से अच्छी तरह से चल फिर सकेगी और उसे किसी सहारे की जरूरत नहीं रहेगी।
समाधान हास्पिटल के वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ अजित गनवीर ने बताया कि लमिया बाई को जब अस्पताल में लाया गया को परीक्षण करने पर पता चला कि उसे नान यूनियन डिस्टल फीमर नामक बीमारी हो गई है। जिसे आपरेशन द्वारा ठीक किया जा सकता है। लमिया बाई तीन साल से आर्थिक तंगी के कारण अपना ईलाज नहीं करा पा रही थी। डॉ गनवीर ने बताया कि लमिया बाई का आपरेशन कर दिया गया है और वह अब स्वास्थ्य लाभ ले रही है। लमिया बाई का जटिल आपरेशन मेडिकल कालेज जैसी जगह पर ही किया जाना संभव है। लेकिन उनके द्वारा परिपक्वता, सूझ-बूझ एवं सर्तकता के साथ लमिया बाई का आपरेशन कर दिया गया है। इस आपरेशन के बाद उनमें भी आत्मविश्वास आ गया है कि ऐसे जटिल आपरेशन बालाघाट में भी किया जाना संभव है। लमिया बाई के जटिल आपरेशन को सफल बनाने में निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ ब्रम्हे, ओटी स्टाफ साधना, मनीष, एवं मदन का विशेष योगदान रहा है।
अशासकीय संस्था तथागत प्रबुद्ध फाउंडेशन की टीम गत दिवस ग्राम घुम्मुर में जरूरतमंद लोगों को राहत सामग्री प्रदाय करने पहुंची थी। तब इस संस्था के सदस्यों की नजर लमिया बाई पर पड़ी थी। लमिया बाई के पति सोनू बैगा ने बताया कि तीन साल पहले लमिया बाई की कमर एवं जांघ की हड्डी एक दुर्घटना में फ्रेक्चर हो गई थी। वह पत्नि को ईलाज के लिए बालाघाट लेकर गया था। लेकिन ईलाज में अधिक राशि लगने के कारण वे वापस आ गये थे। तब से लमिया बाई लकड़ी के सहारे से ही चलना-फिरना कर रही थी। कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण उसका सही उपचार नहीं हो पा रहा था।
उल्लेखनीय है कि अशासकीय संस्था तथागत प्रबुद्ध फाउंडेशन की टीम ने लमिया बाई एवं सोनू बैगा की स्थिति से कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा, बैहर एसडीएम श्री तन्मय वशिष्ट शर्मा एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडेय को अवगत कराया। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने इस मामले के संज्ञान में आने पर त्वरित कार्यवाही की और 14 दिसंबर 2021 को लमिया बाई को एम्बुलेंस भेजकर घुम्मुर से बालाघाट लाया गया था।
लमिया बाई का पूरा उपचार आयुष्मान योजना के अंतर्गत समाधान अस्पताल बालाघाट में नि:शुल्क कराया जा रहा है। 15 दिसंबर को रक्त की कमी के कारण उसके लिए एक यूनिट ब्लड भी जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक से उपलब्ध कराया गया है। लमिया बाई आपरेशन के बाद वाकर की मदद से अपने पैरों पर खड़ी होने लगी है और चलने लगी है। कुछ दिनों के बाद उसे वाकर का सहारा लेने की जरूरत नहीं रहेगी। लमिया बाई और उसका पति सोनू बैगा जिला प्रशासन की इस तत्परता भी पहल से खुश है और उन्होंने डॉ गनवीर एवं उनके स्टाफ को धन्यवाद दिया है।

















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