पाठक मंच पर पद्म अग्नि ,कशीर, उपन्यास की हुई समीक्षा,
दमोह आशुतोष गौतम: मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग साहित्य अकादमी भोपाल से संचालित पाठक मंच दमोह इकाई की पुस्तक समीक्षा गोष्टी सरस्वती शिशु मंदिर कन्या विद्यालय में आयोजित की गई मां सरस्वती की पूजन वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ सरस्वती वंदना पुष्पा चिलेने प्रस्तुत की पाठक मंच की संयोजक संचालक डॉ प्रेमलता नीलम ने बतलाया की पद्म अग्नि लेखिका कामना सिंह एवं कशीर, की लेखिका सहना विजय कुमार के उपन्यास की समीक्षा प्रस्तुत की गई दोनों पुस्तकें पाठकों को शिक्षा संस्कार संस्कृति प्रदान करती हैं पाठक मंच पर जो भी पुस्तके आती हैं वह ज्ञानवर्धक होती हैं।
उपन्सयास कशीर का शीर्षक कशूर भाषा में अर्थ ,कश्मीर होता है समीक्षक साहित्यकार बीएम दुबे ने कहा लेखिका ने कश्मीर का गहन अध्ययन करते हुए अनुसंधान चिंतन मंथन पूरी निर्भीकता के साथ कश्मीरी हिंदुओं की दास्तान को प्रमाणित लिखकर पाठकों के समक्ष रख दिया है जो सराहनीय है पठनीय है। द्वितीय पुस्तक पद्म अग्नि उपन्यास की समीक्षा प्रस्तुत करते हुए समीक्षक वरिष्ठ साहित्यकार पुष्पा चिले ने कहा यह उपन्यास ऐतिहासिक है जिसमें रानी पद्मावती ने आदिवासी महिलाओं को समाज में फैली कुरीतियों के प्रति सचेत कराया है नारी विमर्श के युग में ऐसा उपन्यास नारी की क्षमताओं को प्रेरित करता है साहसीय बनातीं है इस तरह की ऐतिहासिक किताबें पाठक मंच पर आती रहे तो देश और समाज को प्रेरणादायक सिद्ध होंगी, मुख्य अतिथि डां रेवा चौधरी सेवानिवृत्त प्राचार्य पीजी कॉलेज दमोह ने पाठक मंच की प्रशंसा करते हुए कहा ऐतिहासिक साहित्यिक अध्यात्म की पुस्तकें पाठकों को विवेकशील चिंतनशील और साहसी बनाती हैं, पद्म अग्नि एवं कशीर दोनों उपन्यास उत्कृष्ट हैं ,पठनीय है। कार्यक्रम की अध्यक्ष डॉ बबीता राठौर तहसीलदार दमोह ने समीक्षकों ने दोनों पुस्तकों की समीक्षा का निचोड़ प्रस्तुत कर सारगर्भित सटीक बिंदुओं पर अपने विचार व्यक्त किए हैं जो नव पीढ़ी को नवीनता की ओर ले जाएगा, ऐसी पुस्तकें पाठकों के लिए पढ़ने योग्य संग्रहणींय हैं साहित्य अकादमी भोपाल को, जिले के कॉलेजों में भी पाठकमंच संचालित करना चाहिए,इस पर अध्यक्ष बबीता राठौर ने अपने विचार व्यक्त किए उपस्थित साहित्यकारों ने अध्यक्ष के विचारों का समर्थन किया। इसके पश्चात नगर के श्रेष्ठ गजल कार ,किशोर तिवारी केशू ने कविता प्रस्तुत करते हुए कहा ,फितरत कुछ तो नेक करो, घर बाहर ना एक करो। खूबसूरती से प्रस्तुत कर वाहवाही अर्जित की। उपस्थित वरिष्ठ साहित्यकार,पत्रकार नारायण सिंह ठाकुर, डॉक्टर कीर्ति काम दुबे महेंद्र श्रीवास्तव रमेश तिवारी आराधना राय विनीता जढिया किशन घी वाला रामकुमार तिवारी सदन नेमा ओजेंद्र तिवारी, पी एस ,परिहार परम लाल, कुसुम खरे श्रुति की विशेष उपस्थिति रही संपूर्ण कार्यक्रम का आभार के के पांडे ने व्यक्त किया , संचालन डॉ प्रेमलता नीलम ने किया ।

















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