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Friday, December 17, 2021

बिरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बदहाली व अव्यवस्थाओ का अम्बार

 बिरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बदहाली व अव्यवस्थाओ का अम्बार


बालाघाट। जिस स्वास्थ्य केंद्र पर हजारों लोगों की उम्मीदें टिकी रहती है कि केंद्र में जाकर हमे अच्छा इलाज मिलेगा,साफ सफाई और शासन के आदेशानुसार पौष्टिक आहार मिलेगा लेकिन इस सबसे कोसो दूर नजर आता है


बिरसा स्वास्थ्य केंद्र।साफ सफाई के नाम पर केवल चारो तरफ गंदगी ही गंदगी दिखती है,इलाज के नाम पर नर्सो के द्वारा बुखार की टिकीया के अलावा कुछ नहीं दिया जाता,केंद्र में सेवा दे रहे चिकित्सक अपने निजी क्लीनिक खोल कर बैठे है जिनको रोकने टोकने वाला कोई नही है।वही खंड चिकित्सा अधिकारी भी कुछ न कुछ बहाना बनाकर केंद्र से गायब रहते है।जिससे दूर दराज से आने वाले मरीजो को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

नेत्र चिकित्सक व महिला चिकित्सक का पद खाली..विगत कई वर्षों से महिला चिकित्सक व नेत्र चिकित्सक का पद रिक्त है जिससे केंद्र में आने वाले मरीजों को या तो जिला चिकित्सालय भेज दिया जाता है या तो मरीज के परिजन किसी निजी चिकित्सालय में इलाज हेतु जाने विवश होते है।दूर दराज से जचकी कराने आने वाली महिलाओं को जिला अस्पताल भेज दिया जाता है जिससे कि  बहुत सारी महिलाओं का इलाज के अभाव में व लंबी दूरी के कारण असमय मौत के मुंह मे समा जाती है जिसका कही न कही अस्पताल प्रबंधन जिम्मेदार होता है।इतना सब कुछ होने के बाद भी जिम्मदारो के चेहरे पर शिकन नाम की कोई चीज दिखाई नही देती जो इनके निकम्मे पन की कहानी बयां करती है।ऐसे लोगों के ऊपर सख्त से सख्त कार्यवाही करने की जरूरत है।


अस्पताल परिसर में चारो ओर गंदगी ही गंदगी* अस्पताल के चारो तरफ अगर घूमकर देखा जाए तो गंदगी ही गंदगी दिखाई देती है जिसको अस्पताल प्रबंधन साफ सफाई के नाम पर आने वाली रकम को डकार जाता है और खानापूर्ति के लिए सामने भाग में चुना आदि से पुताई करवा कर इतिश्री कर लेते है।अस्पताल के अंदर का हाल तो और बुरा है न मरीजो के लिए लगे बेड पर साफ चादर दिखती है और न ही शौचालय आदि की साफ सफाई ही नजर आती है जिससे अस्पताल प्रबंधन की कार्य प्रणाली शक के घेरे में आती है जिस पर कार्यवाही की जरूरत है।

कुपोषण केंद्र में भी भारी अनियमितता, गरीब परिवार के जच्चा बच्चा के कुपोषण को दूर करने के लिए शासन ने कुपोषण केंद्र बनाया है लेकिन यहां पदस्थ लोगों की वजह से इस पर पलीता लग रहा है।साफ सफाई का अभाव,पर्याप्त मात्रा में पोषण आहार की अनूउपलब्धता,केंद्र में पदस्थ कर्मी भी गटक जाते है और बचा हुआ आधा अधूरा हितग्राही के हिस्से में आता है जिससे कुपोषित हितग्राही को लाभ कम मिलता है यहां पदस्थ कर्मचारियों को इसका लाभ ज्यादा मिलता है जो चिंतनीय, सोचनीय और विचारणीय है जिस पर कार्यवाही की आवश्यकता है।

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