नोटों की झड़ती तंत्र साधना करते दो तांत्रिक समेत तीन गिरफ्तार
धनवान बनने का शार्ट कट फार्मूला के चक्कर में अंधविश्वास के चलते नरबलि से लेकर पशु बलि तक करने से बाज नही आ रहे है पाखंडी लोग
बालाघाट -धनवान बनने की चाहत में कुछ लोग कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहते हैं जिसमे एक है तंत्र विद्या।पाखंडियों के चक्कर मे पड़कर आमलोग अपनो की बलि देने में भी गुरेज नही करते जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश मे अंधविश्वास चरम पर है जिसमे आमलोग फंसते नजर आ रहे है।कुछ महीने पहले ही बिरसा थानांतर्गत में कथित धन को निकालने का प्लान बनाते लोगो को पुलिस ने गिरफ्तार किया था कि एक और अंधविश्वास की कहानी सामने आने से पाखंडियों की करतूत सामने आई है।प्राप्त जानकारी अनुसार तंत्र साधना के लिए बाघों के शिकार और उनके अंगों की तस्करी के प्रदेश में कई मामले सामने आ चुके है। ऐसा ही एक मामला बालाघाट जिले के लामता वन परिक्षेत्र अंतर्गत चांगोटोला में सामने आया है।यहां बाघ की खाल लेकर तंत्र साधना करते वन विभाग की टीम ने तीन आरोपियो को पकड़ा है। दो तांत्रिक समेत एक युवक को बंद कमरे में तंत्र साधना करते वन विभाग की टीम ने चांगोटोला से रविवार को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की तो चौकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी तांत्रिक सीताराम पिता जगलाल वरकड़े कारापाठा हर्रई निवासी व चांगोटोला निवासी चोखेलाल पवार ने बताया कि नोटों की झड़ती के लिए बाघ की खाल का इस्तेमाल कर रहे थे।गिरफ्तार हुए आरोपियो ने बताया कि सीताराम वरकड़े तीन दिन पहले बाघ की खाल लेकर बालाघाट के चांगोटोला आया था। यहां चोखेलाल के साथ मिलकर तंत्र क्रिया कर नोटों की झड़ती कराने आया था।
चांगोटोला में गिरफ्तार हुए चोखेलाल व सीताराम और रामराज की निशानदेही पर वन विभाग की टीम ने सोमवार को छिंदवाड़ा के हर्रई थाना क्षेत्र के शिवराज पिता धनसिंह वट्टी तरेर निवासी, सेवन शाह पिता रघु इनवाती राज घाना निवासी, समन पिता मेहगू मर्सकोले हर्रई निवासी को गिरफ्तार किया है। चोखेलाल के अलावा सभी आरोपी हर्रई थाना क्षेत्र के रहने वाले है।
वनविभाग के अधिकारियों ने बताया कि वन विभाग की गिरफ्त में आरोपियो की माने तो यह बाघ की खाल उनके पास दो साल से है।जो सीताराम बालाघाट लेकर आया था। वन विभाग की टीम इस मामले में बाघ के शिकार कीआशंका के तहत आरोपियो से पूछताछ कर रही है।
वन विभाग की गिरफ्त में आए आरोपियो ने बताया है कि कुछ साल पहले सीताराम राजस्थान काम के लिए गया था जहां एक बाबा ने उसे एक खाल दी थी।यह कहानी वन विभाग के गले नहीं उतर रही है।वन विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है।
वही इस मामले पर लामता वनपरिक्षेञ अधिकारी कृष्ण कुमार न बताया कि मुखबिर की सूचना पर दबिश देकर चांगोटोला में तीन आरोपितों तंत्र साधना करते बाघ की खाल के साथ गिरफ्तार किया है।इनकी निशानदेही पर चार आरोपितों को और छिंदवाड़ा से गिरफ्तार किया गया है।नोटों की झड़ती कराने के लिए तंत्र साधना करने की बात आरोपितों की स्वीकार की है। इनसे बाघ शिकार मामले में पूछताछ की जा रही है।बहरहाल अंधविश्वास में पड़कर लोग कई तरह के गुनाह करने में भी नही हिचकते जिसका नतीजा बहुत बुरा होता है।

















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