खून को जमा देने वाली ठंड से बचने के उपाय
बालाघाट -कृषि विज्ञान केंद्र बड़गांव के अधिकारी राणा हनुमान सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से खून को जमा देने वाली ठंड से बचने के उपाय पर चर्चा किया,जो इंसान से लेकर जानवरो तक लाभकारी है।जिस ओर अमल कर ठंड से बचा जा सकता है।
1. ठंडी हवाएं ठंड बढ़ा सकती है।
2. ठंड सहनीय लेकिन कमजोर लोगो के लिए हल्के स्वास्थ की चिंता है. (शिशु , गर्भवती महिलाओँ ,बुजुर्गो , पुरानी बीमारियों वाले आदि )
3. अधिक समय तक ठंड के संपर्क में रहने से बचे।
4. ढीली , हल्के वजन कही सतहों वाले गर्म ऊनी कपडे पहने।
5. सर , गर्दन ,हाथों को अच्छे से ढक के रखे।
6.गर्म पानी का सेवन करें।
7. तापमान में होने वाली गिरावट के भाव से बचाव हेतु रात के समय मवेशी , नवजात बछडे मेमने को छतवाले बाडे में तथा ठंड से बचाव हेतु फर्श पर पैरा का गहरा बिछावन बिछाएं।
8.किसान भाइयों को सलाह है की कुक्कुट में कृत्रिम प्रकाश की व्यवस्था करें।मुर्गीशाला की बिछाली गीला होने पर समय से पलट दें और इसे सुखाने के लिए चूना का छिड़काव करें।
9. अगर तापमान कम हो और पोल्ट्री मे नुकसान हो रहा हो पोल्ट्री फार्म में 100 वर्ग फिट में 100 वाट का बल्ब लगाने की सलाह दी जाती है, ताकि मुर्गिया सुरक्षित रहे।
10. अधिक सर्दी वाले दिनों में पाले से बचाव के लिए फसलों में स्प्रिंकलर के माध्यम से हल्की सिंचाई करें थायों यूरिया की ५०० ग्राम मात्रा का १००० लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें अथवा ८ से १० किलोग्राम सल्फर पाउडर प्रति एकड़ का भुरकाव करें।
11. न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे कम हो रहा है। इसलिए किसान भाईयो को सलाह है की विभिन्न फसलों / सब्जियों पर कम तापमान के प्रतिकूल प्रभाव से बचाने के लिए खेत में मिट्टी की नमी बनाए रखें। फसल को ठंड से बचाने के लिए शाम के समय हल्की और बार-बार सिंचाई करें। पाला होने की स्थिति में शाम के समय खेत की मेड पर धुंआ करे, इसके अलावा सल्फर २ एम एल प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करे।

















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