पहले नया परिसीमन फिर चुनाव
बालाघाट। मध्य प्रदेश में अब पंचायतों का नए सिरे से परिसीमन होगा.उसके बाद ही चुनाव की नई तारीख तय हो सकेगी. यहां आपको बता दें कि पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार द्वारा 2020 में किए गए परिसीमन को रद्द करके 2014 के परिसीमन के हिसाब से पंचायत चुनाव कराने के शिवराज सरकार के फैसले से इतना बवाल मचा कि आखिरकार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ही निरस्त करने पड़े.
वहीं राज्य निर्वाचन आयोग ने नई मतदाता सूची बनाने का काम भी शुरू कर दिया है. इससे तय है कि अब पंचायत चुनाव नए सिरे से परिसीमन, आरक्षण और मतदाता सूची के मुताबिक ही होंगे. 1 जनवरी 2022 से पंचायतों के लिए नई मतदाता सूची तैयार करने कार्यक्रम घोषित किया कर दिया है. 1 जनवरी से पहले 18 साल की उम्र पूरी कर चुके युवा नई वोटर लिस्ट में नाम जुड़वा सकेंगे.
पंचायतों के परिसीमन की कार्रवाई नए सिरे से शुरू होगी
पंचायत चुनाव निरस्त होने के बाद अब मध्यप्रदेश में पंचायतों के परिसीमन की कार्रवाई नए सिरे से शुरू की जाएगी. राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने गुरुवार को मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश 2021 को मंजूरी दे दी. इसके जरिए मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 में एक नई धारा 10-क जोड़ी गई है. इसमें प्रावधान है कि वार्डों या निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन या विभाजन के प्रकाशन की तारीख से 18 महीने के भीतर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा किसी भी कारण से चुनाव की अधिसूचना जारी नहीं की जाती है तो ऐसा परिसीमन निरस्त समझा जाएगा.

















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