बुंदेलखंडी वेब सीरीज द मिस्ट्री ऑफ़ बॉक्स का पोस्टर लांच
दमोह। लहरों के डर से नौका पार नहीं होती कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती ये पंक्तियां उन सभी मेहनत करने वालों पर सटीक बैठती हैं जो अपनी मेहनत से एक अलग मुकाम खड़ा करते हैं ऐसा ही कुछ दमोह के युवा बॉलीवुड सिनेमैटोग्राफर हरीश पटेल कर रहे हैं. जिन्होंने खुद संघर्ष करके बॉलीवुड में बतौर सिनेमैटोग्राफर अपना कैरियर तो बनाया ही साथ ही दमोह से लगातार जुड़े रहकर समाज को जागरूक करने वाली मैसेज देती हुई कई शॉर्ट फिल्मों का निर्माण निर्देशन करके उन्हें कई इंटरनेशनल और नेशनल फिल्म फेस्टिवलों के मंच तक पहुंचाकर से दमोह शहर का नाम रोशन किया, अपनी बुंदेली संस्कृति और भाषा से अधिक लगाव के चलते हरीश हमेशा ही बुंदेलखंडी भाषा के सिनेमा के लिए प्रयासरत रहे और आखिरकार उन्होंने दमोह में इसके लिए प्रोफेशनल ऑफिस खोलकर बुंदेली सिनेमा के लिए शुरुआत भी तेज कर दी है हरीश पटेल ने अपने बैनर ओम शिव शक्ति फिल्मस् इंटरनेशनल के ऑफिस से पहली बुंदेली वेब सीरीज द मिस्ट्री ऑफ़ बॉक्स का पोस्टर लांच किया ज्ञात हो कि कोरोना काल में किल कोरोना नाम से समाज को मैसेज देते हुए शॉर्ट फिल्म भी बुंदेली भाषा में हरीश के द्वारा बनाई गई थी जिसे उज्जैन फिल्म फेस्टिवल में इसी वर्ष पुरस्कार भी प्राप्त हुआ था मध्यप्रदेश में बुंदेलखंडी फिल्म इंडस्ट्रीज को लेकर उनके इस प्रयास के लिए मुंबई से गोविंद नामदेव सहित कई नामी कलाकारों ने उन्हें शुभकामनाएं दी है हरीश कहते हैं मैं हमेशा ही कुछ नया करने की कोशिश करता रहा हूं और उसमें सफलता पाई है हम सब मिलकर कोशिश करें तो कई और क्षेत्रीय भाषाओं के सिनेमा जैसे भोजपुरी मराठी तमिल तेलुगू आदि की तरह हमारी बुंदेली भाषा के बुंदेलीबुड सिनेमा की भी शुरुआत हो सकती है जिससे कई लोगों को रोजगार तो मिलेगा ही साथ ही पर्यटन और संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा हालांकि इस दिशा में ये एक नई पहल है तो वक्त तो लगेगा ही लेकिन नामुमकिन कुछ भी नहीं है यहां के कलाकारों को अपने क्षेत्र से पर्दे पर आने का मौका मिलेगा हरीश कहते हैं कि हम बुंदेली भाषाओं की साफ-सुथरी और सांस्कृतिक परिवेश से सजी फिल्मों का निर्माण करेंगे जिसे परिवार के साथ बैठकर देखा जा सके और आगे आने वाली पीढ़ी अपनी परंपरा और संस्कृति से रूबरू होती रहे हमारी बुंदेली वेब सीरीज द मिस्ट्री ऑफ़ बॉक्स भी ग्रामीण परिवेश को दर्शाती गांव के युवा लड़के की कहानी है जो स्वाभिमानी मेहनती और ईमानदार तो है पर बेरोजगार है कहानी कॉमेडी और सस्पेंस से परिपूर्ण ड्रामा है जो हर एपिसोड में एक नया रहस्य दर्शएगा अभी हमने इसके पहले सीजन पर काम करना शुरू किया है जिसके 6 एपिसोड बनाए जाएंगे इसकी शूटिंग ग्रामीण क्षेत्रों में की जाएगी. पूर्व में हरीश पटेल ने पानी की समस्या पर किल्लत ऑफ वाटर सड़क दुर्घटनाओं पर जान है तो जहान है क्राइम पर सबक देती स्टॉप इट और कोरोना काल में जागरूक करती किल कोरोना जैसी फिल्में का निर्माण निर्देशन किया और लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ यहां के कलाकारों को अवसर देकर शहर का नाम रोशन किया साथ ही बॉलीवुड की कई बड़ी फिल्मों जिनमें हाफ गर्लफ्रेंड एक विलेन शिरीन फरहाद की निकल पड़ी जैसी फिल्में शामिल हैं उनमें भी अपनी कैमराग्राफी का हुनर दिखाया और अब मध्यप्रदेश में बुंदेलखंड सिनेमा की शुरुआत करने के लिए एक नई पहल शुरू की है।

















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