तालाबों की नगरी में तालाबों का अस्तित्व खतरे में
रतनपुर से ताहिर अली की रिपोट
रतनपुर की पहचान तालाबों और पहाड़ों एवं पुरानी मंदिरों के साथ-साथ पर्यटन के रूप में जाना जाता है लेकिन रतनपुर में इन दिनों भू माफियाओं के द्वारा पहाड़ों से लेकर तालाबों तक का अस्तित्व मिटाने में लगे हुए हैंऐसा ही एक मामला रतनपुर गांधीनगर स्थित हनसा तालाब चर्चा का विषय बना हुआ है इस तालाब को भू माफियाओं के द्वारा पाटकर मैदान में तब्दील किया जा रहा है जानकारी मिल रही है कि यहां भू माफिया ने पूर्व पटवारी के साथ मिलकर सांठगांठ करते हुऐ हंसागर तालाब को अवैध रूप से खरीदी- बिक्री भी कर लिया,और तलाब को पाटने का काम किया जा रहा है आपको बता दें कि यह तालाब गांधीनगर में स्थित है
जिसका क्षेत्रफल 3 एकड़ 9 डिसमिल है. राजस्व रिकॉर्ड में आज भी तालाब चिन्हाकित है विदित होगा कि पूर्व पटवारी द्वारा आपसी सांठगांठ के द्वारा कूट रचित दस्तावेज बनाकर फर्जी रूप से भू माफिया से मिलकर अवैध नामांतरण भी करा लिया गया.है इस तालाब में जेसीबी ट्रैक्टर से पाटने का काम किया जा रहा है अधिकारियों के द्वारा इस पर जांच चलने की बात कही जा रही है लेकिन यह जांच धरातल पर नजर नहीं आ रही है जिससे भू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और रतनपुर में अनेकों तालाब जिस पर अवैध कब्जा किया जा रहा है इस ओर ध्यान देने वाला कोई नहीं है अगर समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाले समय में तालाबों का अस्तित्व ही मिट जाएगा

















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