प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज में मनाई गई होली
सीएनआई न्यूज़ बालोद से उत्तम साहू की रिपोर्ट
बालोद।प्रजापिता ब्रह्मकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय आत्मज्ञान भवन आमापारा में होली रंगोत्सव मनाया गया। इस दौरान मधुबन से विशेष रूप से पधारे देवेंद्र भाई ने होली का आध्यात्मिक महत्व बताते हुए कहा कि आत्मा पर ज्ञान, गुण और शक्तियों का रंग डालना होली है
और होली का तातपर्य रूहानी होली हैं। होली का अर्थ है पवित्रता और हो ली याने बाबा का हो गए और कहा बीती बातों को भूलाना ही सच्ची होली हैं।उन्होंने होलिका दहन के विषय में कहा देह अभिमान की बुराइयों को जलाना हैं और कहा विकारों की होली जलाएं।उन्होंने आगे कहा बाबा की याद की ज्योति जलाना हैं तो माया की फागी से बचें रहेंगे।
संस्था की मुख्य संचालिका बीके विजयलक्ष्मी दीदी ने कहा आत्म दर्शन करना ही होली है। होलिका जलाने का भी आध्यात्मिक महत्व है। और अपने अंदर की सारी बुराईयों का भी अग्नि को समर्पण करना होलिका दहन है। ज्ञान योग की अग्नि में तपकर सभी आत्माओं से प्रेम करना ही होली मिलन है और आज से हम नई जीवन शैली के साथ नई जिदगी की शुरुआत करें। होलिका दहन के मौके पर बुरी आदतों को छोड़ अच्छे संस्कार ग्रहण करें। इस दौरान बड़ी संख्या में बीके भाई बहन उपस्थित रहे।अंत में उपस्थित सभी भाई बहनों को रंग लगा कर होली की बधाई दी गई और टोली वितरित की गई।



















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