बिलासपुर पुलिस के लगातार कार्यवाही और एन्टी क्राइम एवं साइबर यूनिट के गठन के वजह से मिली बड़ी सफलता!
बिलासपुर पुलिस काफी समय अवैध मादक पदार्थ और नशीली दवाइयों के फैलते कारोबार और इस्तेमाल रोकने के लिए लगातार कार्यवाही कर रही थी कुछ सफलता भी हासिल हुई पर इस बार बिलासपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।शुक्रवार के देर रात पुलिस अधीक्षक को मुखबीर द्वारा सूचना मिली की सफेद रंग टाटा ट्रक सी जी04 जे सी 4014 में अवैध गांजा ओडिसा रायगढ़ की ओर से बिलासपुर जिले में आ रहा हैं। पुलिस अधीक्षक ने बिना किसी विलंब के इस मामले में कार्यवाही करने के लिए क्राइम एवं साइबर यूनिट प्रभारी हरविंदर सिंह को निर्देशित किया। हरविंदर सिंह ने पूरी टीम को लेकर मुखबिर द्वारा बताए स्थान में यूनिट के कर्मचारी और नारकोटिक्स सेल के उप निरीक्षक व थाना प्रभारी सागर पाठक आरक्षक हेमंत सिंह को लेकर योजनाबद्ध तरीके से कार्यवाही करते हुए वाहन चेकिंग प्रारंभ की। तड़के सुबह करीब 4:00 बजे धूमा तिराहे पर मुखबिर द्वारा बताए गए वाहन क्रमांक को आते देख रोकने का प्रयास किया गया लेकिन ड्राइवर बैरिकेट्स को तोड़ते हुए वाहन को फदेहखार की ओर लेकर भागने का प्रयास किया , पर पुलिस की पूर्व योजना के तहत दूसरी टीम ने एक ट्रक को अड़ा कर रखा था जिसके वजह से ड्राइवर गाड़ी छोड़कर भागने का प्रयास करने लगा और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम डॉक्टर बहरा पिता त्रिलोचन बहरा निवासी उड़ीसा जिला देवगढ़ का होना बताया। ट्रक में पशु आहार जिसको वह लेकर तखतपुर किसी पोल्ट्री फॉर्म में जाना बताया। आमतौर से देखने पर 60 बोरियां पशु आहार की रखी हुई थी तलाशी लेने पर बोरियों की नीचे एक 1 किलो के पैकेट में कुल 40 क्विंटल 10 किलोग्राम गांजा छुपा कर रखा गया था। कार्यवाही के दौरान पता चला कि ट्रक क्रमांक भी फर्जी है ट्रक का असली क्रमांक ओ डी 15 क्यू यू 0036 है और उसका मालिक संबलपुर उड़ीसा का होना बताया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह कई महीने से उड़ीसा से गांजा लाने का काम हरीश साहू मोपका और विष्णु सोनी बलौदा के लि करता है। इस मामले में दोनों को भी आरोपी बनाया गया है यह दोनों का पुराना तस्कर होना बताया जा रहा है। काफी समय बाद पुलिस को लगातार प्रयासों के कारण एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। इसका श्रय बिलासपुर पुलिस के अधिकारियों को जाता है नारकोटिक्स के मुखिया उमेश कश्यप के निर्देश में एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट निरीक्षक हरविंदर सिंह और उनकी पूरी टीम ने अपने प्रयासों से एक बड़ी सफलता हासिल की है। गिफ्ट गांजे की कीमत ₹4100000 बताई गई है|


















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