शिकार करने घर मे घुसे तेंदुए को ग्रामीणों ने किया कैद, भूख से हुई मौत
(शिवशंकर पाण्डेय जिला ब्यूरो)
बालाघाट। वारासिवनी वन परिक्षेत्र अंतर्गत बोदलकसा गांव में शिकार की तलाश में आये दो तेंदुआ में से एक तेंदुआ खुद शिकार हो गया। प्राप्त जानकारी अनुसार जंगल से निकलकर जंगली जानवर शिकार के लिए गांव का रुख करने लगे है जिससे इन जानवरों की जान भी चली जाती है।शिकार करने के लिए जंगल से बाहर निकला मादा तेंदुआ शिकार करने के लिए जैसे ही घर मे घुसा घरवालों ने तेंदुए को ही घर मे कैद कर दिया जिसको पकड़ने के लिए वनविभाग की टीम रात भर मशक्कत करती रही लेकिन कामयाबी नही मिली।अंततः दूसरे दिन कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के विशेषज्ञ को बुलाया गया।तेंदुए को पकड़ने के लिए आई जानवरों की टीम के डॉक्टर ने तेंदुए को बेहोश करने के लिए ट्रेंकुलाइज किया लेकिन बेहोशी का इंजेक्शन लगने के बाद तेंदुए ने अपनी आंख ही नहीं खोली। जिससे उसकी मौत हो गयी।तेंदुए की जान बचाने के लिए बहुत सारे जतन किये गए लेकिन सब बेकार हो गया।ट्रेंकुलाइज का डोज ज्यादा होने या कुछ और कारण से तेंदुए को बेहोश करने के लिए दिए गए डोज के बाद उसे होश ही नहीं आया। शिकार की तलाश में जगंल से बस्ती की ओर आया तेंदुआ खुद ही शिकार हो गया।
जिले की वारासिवनी तहसील के बोलदकसा गांव में ग्रामीणों ने सारी रात दहशत में जाग कर बिताई है। बुधवार की रात शिकार की तलाश में दो तेंदुए गांव में घुस गए। ग्रामीणों ने शोर मचाया तो एक तेंदुआ मुंह में बकरी के बच्चे को दबाकर जंगल की ओर भाग गया, लेकिन एक उम्रदराज मादा तेंदुआ एक कमरे में दाखिल हुई तो बाहर नहीं निकल पाई। सुरक्षा कारणों से ग्रामीणों ने उसे कमरे में ही बंद कर दिया। रात भर वन अमला और ग्रामीण मौके पर ही डटे रहे। सुबह होते ही पेंच से बचाव दल बुलाया गया। सुबह करीब साढ़े दस बजे से बचाव कार्य शुरू हुआ।करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए को ट्रेंकुलाइज किया गया। पेंच से आए वन्य जीव विशेषज्ञ डाक्टर अखिलेश कुमार ने तेंदुए को ट्रेंकुलाइज किया। बुधवार की रात दो तेंदुए बोदलकसा गांव में शिकार के लिए घुसे, एक तेंदुआ भाग निकला, जबकि दूसरा तेंदुआ ग्रामीण यादव राव बिसेन के घर में कैद हो गया। जो बाहर नहीं निकल पाया।
तेंदुए की दहशत से ग्रामीणों की नींद उड़ी
दो तेंदुओं के गांव में घुसने से ग्रामीण दहशत में आ गए, जिससे उनकी रात की नींद उड़ गई।एक तेंदुआ शिकार कर जंगल के तरफ भाग गया लेकिन दूसरे को ग्रामीणों ने कमरे में कैद कर दिया और रात भर रतजगा कर तेंदुए की रखवाली करते रहे।हालांकि जिस कमरे में तेंदुए को कैद किया गया था उसी में बकरियां भी थी लेकिन भूख और ग्रामीणों के शोरगुल से तेंदुआ भयभीत हो गया था जिससे सामने खड़े शिकार को पकड़ने की हिम्मत नही कर पा रहा था।
कमरे में बंद तेंदुए से दो कदम दूरी पर शिकार था लेकिन वह शिकार नही कर पा रहा था।वही तेंदुए की मौत का कारण डॉक्टर ने भूख बताया है।अब तेंदुआ कितने दिन से भूखा था यह कहा नही जा सकता।डॉक्टर की माने तो मादा तेंदुआ वृद्ध हो चुकी थी जिससे शिकार करने में उसे परेशानी हो रही थी।बहरहाल तेंदुए के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भूख मुख्य वजह से तेंदुए के मरने की।

















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