श्री मंगलागौरी मन्दिर धाम शंकराचार्य आश्रम पोड़ी रतनपुर में चैत्र नवरात्रि महोत्सव की तैयारियां जोर शोर से चल रही है
रतनपुर से ताहिर अली की रिपोट
रतनपुर...नवरात्रि महोत्सव की तैयारियां जोर शोर से चल रही है मन्दिर के महंत,दैवज्ञ पंडित रमेश शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रान्त के एक मात्र श्री मंगलागौरी देवी मंदिर रतनपुर पोड़ी में विराजित है।
जिसकी स्थापना गोवर्धन मठ पूरी पीठाधीश्वर अंनत श्री विभूषित जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी श्री निश्चलानंद सरस्वती महाभाग के कर कमलों से हुई हैं।
कुंवारी कन्याओं एवं सुहागिन महिलाओं के लिए वरदान मन्दिर में नवरात्र पर्व पर महिलाओं का तांता लगा रहता है।।मन्दिर में देश विदेश के श्रद्धालु जनों के मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए जाते है तथा मंगल ज्वारा रोपित किए जाते हैं।। मन्दिर में लधु शत चण्डी यज्ञ, दुर्गा सप्तशती पाठ, ललिता सहस्त्र नाम पाठ, कनक धारा, श्रीसूक्त पाठ, दुर्गा चालीसा, दुर्गा सहस्त्र नाम पाठ सहित अन्य पाठ, ब्राह्मणों द्वारा नव दिवस किए जाते है।
सुबह 7 बजे माता की आरती,12 बजे भोग, ततपश्चात भंडारा ,शाम को 8 बजे महा आरती होती है।। रात्रि में माता के जस गीत प्रतियोगिता का आयोजन होता है जिसमें प्रथम, द्वितीय आदि पुरस्कार दिए जाते हैं।।इस वर्ष के नवरात्र पर्व पर 251 मनोकामना ज्योति कलश एवं 101 मंगल ज्वारा की तैयारी की गयी है।।
■नवरात्रि के प्रतिदिन होगी मंगल शान्ति
छत्तीसगढ़ के एक मात्र मंगलागौरी मन्दिर होने से यहां वर्ष मंगलिक लड़के, कन्याओं का मंगल शान्ति होती है।। मंगलागौरी देवी,मंगल ग्रह के अधिष्ठाता देवी होने के कारण नवरात्रि के प्रतिदिन 12 बजे दिन से शाम 4 बजे तक मंगलिक पूजा करायी जाती है जिसके लिए देश के कई प्रान्तों से मंगलिक कन्या शामिल होती है।।
मन्दिर में नवरात्र पर्व के दौरान ठहरने,भोजन की व्यवस्था निःशुल्क रहती है।मन्दिर के ऊपरी तल पर आदि गुरू शंकराचार्य भगवान का मंदिर है वहाँ दो अखण्ड ज्योति स्थापना काल से जल रही है।। यहां के दण्ड का पूजन, अर्चन, मार्जन, तर्पण स्वंय हमारे द्वारा किया जाता है।।





















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.