शिक्षक डी आर साहु सुदुर वनांचल नचनिया स्कुल से प्रमोशन पर सम्मान समारोह एवं विदाई के भावुक पल 16 साल बेमिसाल कलेक्टर मंत्री से पुरुस्कृत भी हुये ।
सी एन आई न्यूज साल्हेवारा से चन्द्रभूषण यदु की रिपोर्ट ।
साल्हेवारा - 26 अप्रेल 2022 का दिन डेरहा राम साहु शिक्षक के लिये अविस्मरीणय पल रहा जो अपने पहले पोस्टिंग नचनिया के माध्यमिक शाला में 16 साल बेमिसाल शिक्षकिय सेवाये दिये जो अमिट छाप छोड़ प्रमोशन पर राजनांदगांव ब्लाक के जराही स्कूल में प्रधान पाठक के पद पर स्थानांतरित होकर गये ।
जो अपनी सेवा काल में सुदुर वनांचल क्षेत्र साल्हेवारा के नचनिया स्कुल में शाला के विकास के गाथा गढ़ गये कमजोर बच्चों के लिये रंग बिरंगी छाया चित्र स्कुल की दिवारों पर पेंटिग के माध्यम से बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक बौद्धिक विकास पर प्रकाश डाले चाहे स्कुल प्रांगण हो आहता हो बागवानी पेड़ पौधे से स्कुल को ऐसा सजाया संवारा की बच्चों का आकर्षण का केंद्र बिंदु बन गया बच्चों का ड्रेस भी प्राइवेट स्कुलों की तरह एक अलग पहचान बना कर रखे ।चित्रकलायें भी ऐसी सुशोभित करती है
जिससे प्रभावित होकर राजनांदगांव जिला के कलेक्टर तारन प्रकाश सिंन्हा ने डी आर साहु को 26 जनवरी के महा पर्व गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर सर्व श्रेष्ठ शिक्षक के रुप में प्रशस्ती पत्र कृषि मंत्री रविंद्र चौबे के हाथ दिलवाया है ।
जो डी आर साहु शिक्षक के लिये व नचनिया मिडिल स्कुल के लिये गौरव का विषय है जो छुईखदान ब्लाक का नाम रोशन किया है काबिले तारीफ है जो एक पराक्रमी की तरह दिन रात मेंहनत कर शिक्षा का अलख जगाने जी जान लगा दिया डी आर साहु एक मिलन सार लगनशील मननशील चिंतनशील एकाग्रता से शिक्षकिय सत्र को बखूबी निभाये जिसकी सम्मान समारोह एवं विदाई में चन्द्रभूषण यदु के मुख्यातिथ्य में समारोह आयोजित किया गया इस अवसर पर यदु ने ऐसे जाबांज शिक्षक को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुये उनके द्वारा किया गया अनुकरणीय पहल को याद करते हुये शिक्षक के चार गुणों पर प्रकाश डाला गुरु है
इसके पश्चात डी आर साहु जी अपने विदाई भाषण में भावुक हो गये गले रुंध गये आंखों से आसु टपक पड़े बड़ा विलक्षण समा बंध गया सभी बच्चे शिक्षक महिलाऐ भी कुछ देर तक सिसकते रहे जिससे सन्नाटा पसर गया कुछ देर बाद डी आर साहु जी अपने 16 साल की नचनिया के ग्रामवासियों का प्रेम दुलार का बखान करते हुये कहा कब 16 साल बीता पता ही नहीं चला यहां के बच्चे भी बहुत ज्यादा प्रेम करते थे स्कूल स्टाफ भी कंधे से कंधा मिलाकर चले यहां के बुजुर्ग नव जवान साथी माताऐ समुह के सभी का भरपुर सहयोग व मार्गदर्शन मिलता रहा भलेही मैं शरीर से तो जराही स्कुल चला गया पर मन आज भी नचनिया स्कुल में चला आता है
बहुत याद आता है जब कभी कुछ आवश्यकता महसूस हो तो जरुर याद करना शारीरिक रुप से तो नही आ पाऊगा पर मानसिंक रुप से जरुर आपका सहयैग करुंगा आपने मुझे आज जो सम्मान दिये है मैं आप सबका आभार व्यक्त करता हूँ हमेशा ऐसे प्रेम स्नेह बनाये रखना मैं आपका कृतज्ञ हुं ।उसी नचनिया स्कुल में 25 साल तक सेवा देने वाले सेवा निवृत शिक्षक लक्ष्मण यादव भी डी आर साहु के साथ 15 साल बिताये लम्हे को अविस्मरणीय पल बताते हुये भावुक हो गये इस सम्मान समारोह एवं विदाई में समस्त वनांचल क्षेत्र के संकुल समन्वयक उपस्थित रहे शाला विकास समिति के अध्यक्ष राजेश साहु ,छवि साहु ,परदेशी साहु ,मितानिन दीदी स्वयं सहायता समुह के महिला नचनिया स्कुल के मारकंडे सर एवं समस्त स्टाफ मौजुद रहे























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