(बच्चों सहित स्कूल के हैंडपंप का प्रयोग कर रहे आदिवासी भी पेयजल के लिए परेशान)
(शिवशंकर पाण्डेय जिला ब्यूरो)
बिरसा/बालाघाट।केंद्र व राज्य सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट नल जल योजना के हर घर नल कनेक्शन का सपना पूरा होता नही दिख रहा है जिसको ठेकेदार ही शासन के मंसूबे पर कालिख पोतने पर लगे है।बिरसा जनपद के अतिनक्सल प्रभावित स्कूलों व ग्रामीण क्षेत्रों में लगा नल जल योजना केवल दिखावा साबित हो रहा है।कहने को तो हर गांव व हर स्कूल व आंगनवाड़ी में नल जल के तहत पानी टंकी,वाश बेसिन व पाइप तो लगा दिया गया है लेकिन पानी नदारद है।जिससे बच्चों समेत शिक्षक व ग्रामीण खासा परेशान हैं।गांव की एक महिला ने बताया कि इससे अच्छा तो इस हैंडपंप में मोटर नही था तब था कम से कम हम लोग हाथ से पानी निकालकर अपना काम कर रहे थे अब तो पानी नसीब ही नही हो रहा है।सूत्रों से पता चला है कि नल जल योजना के तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जितना कार्य हुआ है सब ठप है जिसका फायदा ठेकेदार ने खूब उठाया।हर स्कूल व आंगनवाड़ी में जैसे तैसे वाश बेसिन व पानी की टंकी लगाकर शिक्षकों से हस्ताक्षर करवाकर अपना कार्य सिद्ध कर लिया।लेकिन पानी किसी भी स्कूल के टंकी तक नही पहुंचा।
जिससे बच्चों सहित स्कूल प्रबंधन ख़ासा परेशान हो रहा है।करब एक दर्जन स्कूल में पानी की समस्या बनी हुई है।लालपुर, मछुरदा, धर्मशाला, गठिया, कोरका, बोन्दारी,कुंडकसा,रंजना, कोमो और मातला आदि स्कूलों में नल जल सेवा शुरू ही नही हुई है।मछुरदा में बनाया गया नल जल योजना के तहत लाखो की पानी टंकी धूल खा रही है जिसका फायदा ग्रामीणों को नही मिल रहा है।मछुरदा में बिजली की समस्या बताकर विभाग पल्ला झाड़ लेता है,अगर बिजली की समस्या थी तो जनता की गाढ़ी कमाई को क्यों बर्बाद किया?पहले बिजली की व्यवस्था कर लेते उसके बाद पानी की टंकी बनवाते यही लाखो रुपया किसी और काम आता जो अभी धूल कहा रहा है। यह सवाल क्षेत्र की जनता पूछ रही है।नल जल योजना में जमकर भ्रष्टाचार किया गया।उसके बाद भी पीने का पानी लोगो का नही मिल रहा है जिसका कहीं न कही स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार है।
इनका कहना है....
आपके द्वारा जानकारी मिल रही है।इसको शीघ्र शुरू किया जाएगा।
अरुण श्रीवास्तव,कार्यपालन यंत्री बालाघाट
[01/04, 5:28 pm] +91 94242 22500: सुकमा से संजय सिंह भदौरिया
मो-9424222500
केदार कश्यप पर आरोप लगाने से पूर्व अपने नेताओ की तहकीकात करे सुन्नम नागेश-शोभन गंदामी*
सुकमा- प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजनाओं के सुकमा जिले के युवा जिलाध्यक्ष शोभन गंदामी ने कांग्रेस नेता व कोंटा जनपद अध्यक्ष सुन्नम नागेश के बयान पर पलटवार करते हुये कहा है कि कांग्रेस नेता चार राज्यों में अपनी नईया डूबता देख बोखला गए है और उजुल -फुजूल बयानबाजी पर उतर आए है , सुन्नम नागेश को पता होना चाहिए कि सलवा जुडूम आंदोलन का मतलब (अर्थ) सलवा जुडूम का अर्थ शांति का कारवां था परन्तु इसमे आपके कांग्रेस के नेताओ ने अपनी राजनिति चमकाने के लिए आदिवासी भाइयो की बलि चढ़ाने में भी नही चुके आपके कांग्रेस के नेताओ ने इस आंदोलन में बढ़ -चढ़ के हिस्सा लिया और बदनाम भाजपा को करना चाहा , ।
सुन्नम नागेश को पता होना चाइये की सलवा जुडूम आंदोलन के जनक कौन थे और उनके नीचे कार्य करने वाले आपके अपने गद्दार कौन थे ,जिन्होंने अपनी राजनीति को चमकाने के लिए आदिवासी भाइयों के साथ -साथ अपने नेताओं तक को बलि का बकरा बना दिया , क्या आप भूल गए झीरम कांड , जिसमे आपके नेता को छोड़ कर सभी की हत्या करवा दिया जाता है , आदिवासी को पलायन करने में सबसे ज्यादा आपके नेताओ का हाथ है । आदिवासी भाइयो ने रोजगार की तलाश में पलायन नही किया उन्होंने भयभीत होकर पलायन किया ,जिसके जिम्मेदार आपके नेता रहे, जिसमे आपके नेताओ ने उफ तक नही किया और सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने में लगे रहे ,।
*विकास की बाते कांग्रेसी सिर्फ मंच पर व पेपर में बयान देखकर करते है धरातल में शून्य है* -
गंदामी ने अपने बयान को जारी रखते हुये कहा कि विकास की व लोकप्रियता की बात कांग्रेसियों के मुह से अच्छी नही लगती आपने विकास होते हुये देखा है किया नही है , और आप अब आदिवासी भाइयों व गरीब जनता को सिर्फ और सिर्फ छल रहे हो , आपकी सरकार की एक भी ऐसी योजना नही है जो जनकल्याणकारी हो , आप भाजपा के द्वारा चलाये गए
जनकल्याणकारी योजनाओं को भी पूरी तरह से क्रियान्यवन नही कर पा रहे हो । आप आज केन्द्र सरकार द्वारा चलाये जा रहे प्रधानमंत्री आवास को पूरी तरह से ठप कर के जनता को छला है , केंद्र सरकार की ओर से आने वाले प्रधानमंत्री आवास के पैसे का दुरुपयोग किया है । जिसके लिए आप गरीब जनता की आह ले रहे हो और आने वाले समय मे ये ही गरीब जनता आपकी सरकार को जड़ से उखाड़ फेकेंगी ।
*सुकमा में कमीशन खोरी है जोरो पर*-
शोभन ने कहा सुन्नम नादान है उनको राजनीति का या तो ज्ञान नही है या वे अंधेरे नगरी चौपट राजा के एक प्यान्दे है जिसमे राजा की वाहवाही के लिए गलत को भी सही बोलना पड़ता है । शोभन कहते है कांग्रेस के आकाओं ने अपनी झोली भरने के लिए सुन्नम जैसे प्यान्दे का इस्तेमाल भी भरपूर कर रही है । जिनकी वजह से व्यपारी , ठेकेदार से व अधिकारियों से अच्छी खासी कमीशन ली जा रही है , और भ्रष्टाचार जोरो पर है।


















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