अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
कार्बी आंगलोंग - भाजपा की डबल इंजन की सरकार जहां भी हो , वहां सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना से काम करते हैं। आज ये संकल्प कार्बी आंगलोंग की धरती पर फिर से सशक्त हुआ है। आज यहां जो शिलान्यास के कार्यक्रम हुये हैं ये सिर्फ किसी इमारत का शिलान्यास नहीं है , बल्कि ये यहां नौजवानों के उज्ज्वल भविष्य का शिलान्यास है। उच्च शिक्षा के लिये यहीं पर उचित व्यवस्था होने से अब गरीब से गरीब व्यक्ति भी अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दे पायेगा।
उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सात नये कैंसर अस्पतालों के उद्घाटन करने के बाद आसाम के कार्बी आंगलोंग ज़िले के दीफू में आयोजित "शांति एवं विकास रैली" में कही। वहीं पीएम मोदी ने लोगों को मंच से संबोधित करने से पहले अपना सुरक्षा घेरा तोड़कर वहां मौजूद लोगों और बच्चों से हाथ भी मिलाया। रैली को संबोधित करते हुये पीएम ने कहा मुझे जब-जब आपके बीच आने का मौका मिला है , आपका भरपूर प्यार , आपका अपनापन देखकर ऐसा लगता है कि जैसे ईश्वर का आशीर्वाद मिल रहा है। इतनी बड़ी संख्या में आप लोग अपनी परंपरागत वेशभूषा में यहां आये हैं , इसके लिये मैं आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि ये सुखद संयोग है कि आज जब देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है , तब हम इस धरती के महान सपूत लचित बोरफुकान की 400वीं जन्मजयंति भी मना रहे हैं। उनका जीवन राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रशक्ति की प्रेरणा है , कार्बी आंगलोंग से देश के इस महान नायक को मैं नमन करता हूं। लोगों को संबोधित करते हुये पीएम ने कहा आसाम की स्थायी शांति और तेज विकास के लिये जो समझौता हुआ था , उसको जमीन पर उतारने का काम आज तेज गति से चल रहा है।
हथियार छोड़कर जो साथी राष्ट्र निर्माण के लिये लौटे हैं , उसके पुनर्वास के लिये भी बेहतर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आप सभी ने बीते दशकों में एक लम्बा समय बहुत मुश्किलों से गुजारा है। लेकिन वर्ष 2014 के बाद नार्थ ईस्ट में मुश्किलें लगातार कम हो रही हैं , लोगों का विकास हो रहा है। पीएम ने कहा आज पूरा देश ये देख रहा है कि बीते सालों में हिंसा , अराजकता और अविश्वास की दशकों पुरानी समस्याओं का कैसे समाधान किया जा रहा है। पहले जब इस क्षेत्र की चर्चा होती थी , तो कभी बम और कभी गोली की आवाज सुनाई देती थी लेकिन आज तालियां गूंज रही हैं।कार्बी आंगलोंग या दूसरे जनजातीय क्षेत्रों में हम विकास और विश्वास की नीति पर ही काम कर रहे हैं। आप जानते हैं कि मैंने आपकी समस्याओं को, इस क्षेत्र की दिक्कतों को आप ही के परिवार के एक सदस्य के रूप में, आप के ही एक भाई और बेटे की तरह समझने की कोशिश की है।आजादी के अमृतकाल में कार्बी आंगलोंग भी शांति और विकास के नये भविष्य की तरफ बढ़ रहा है , अब यहां से हमें पीछे मुड़कर नहीं देखना है। आने वाले कुछ वर्षों में हमें उस विकास की भरपाई करनी है , जो बीते दशकों में नहीं कर पायै थे। उन्होंने कहा नॉर्थ ईस्ट में सरकार और समाज के सामुहिक प्रयासों से जैसे-जैसे शांति लौट रही है , वैसे-वैसे पुराने नियमों में भी बदलाव किया जा रहा है। बीते आठ सालों के दौरान स्थाई शांति और बेहतर कानून व्यवस्था लागू होने के कारण हमने सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून को नॉर्थ ईस्ट के कई क्षेत्रों से हटा दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा आज मैं जब हथियार डालकर जंगल से लौटते नौजवानों को अपने परिवार के पास वापस लौटते हुये देखता हूं और मैं जब उन माताओं की आंखों की खुशी महसूस करता हूं , तो मुझे आशीर्वाद की अनुभूति होती है।
पीएम मोदी ने कहा-जनजातीय समाज की संस्कृति , यहां की भाषा , खान-पान , कला , हस्तशिल्प ये सभी हिंदुस्तान की समृद्ध धरोहर है। आसाम तो इस मामले में और भी समृद्ध है। यही सांस्कृतिक धरोहर भारत को जोड़ती है, एक भारत श्रेष्ठ भारत के भाव को मज़बूती देती है। जल जीवन मिशन के शुरु होने से पहले तक यहां दो प्रतिशत से कम गांवों के घरों में पाइप से पानी पहुंचता था , वहीं अब चालीस प्रतिशत परिवारों तक पाइप से पानी पहुंच चुका है। मुझे विश्वास है कि जल्द से जल्द आसाम के हर घर तक पाईप से पानी पहुंचाने लगेगा। उन्होंने कहा राष्ट्र के विकास के लिये राज्य का विकास और राज्य के विकास के लिये नगरों का, गांवों को विकास बहुत जरूरी है। गांवों का सही विकास तभी संभव है , जब स्थानीय आवश्यकताओं के, स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार विकास योजनायें बनें और उन पर सही अमल किया जाये। बोडो अकॉर्ड हो या फिर कार्बी आंगलोंग का समझौता , लोकल सेल्फ गवर्नेंस पर हमनें बहुत बल दिया है। केंद्र सरकार का बीते सात - आठ साल से ये निरन्तर प्रयास रहा है कि स्थानीय शासन की संस्थाओं को सशक्त किया जाये, अधिक पारदर्शी बनाया जाये। सबका साथ , सबका विकास की भावना के साथ आज सीमा से जुड़े मामलों का समाधान खोजा जा रहा है।
आसाम और मेघालय के बीच बनी सहमति दूसरे मामलों को भी प्रोत्साहित करेगी। इससे इस पूरे क्षेत्र के विकास की आकांक्षाओं को बल मिलेगा। उन्होंने आगे कहा आज आसाम में भी 2600 से अधिक अमृत सरोवर बनाने का काम शुरु हो रहा है , सरोवरों का निर्माण पूरी तरह से जनभागीदारी पर आधारित है। ऐसे सरोवरों की तो जनजातीय समाज में एक समृद्ध परंपरा रही है। इससे गांवों में पानी के भंडार तो बनेंगे ही , इसके साथ-साथ ये कमाई के भी स्रोत बनेंगे। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज आसाम पहुंचे। यहां पहुंचने पर पीएम मोदी का मुख्यमंत्री हिमंत बिश्वा सरमा ने स्वागत किया। इसके बाद पीएम डिब्रूगढ़ पहुंचे , जहां एक ओर उन्होंने राज्य के डिब्रूगढ़ , कोकराझार , बारपेटा , दरांग , तेजपुर , लखीमपुर और जोरहाट में निर्मित सात नये कैंसर अस्पतालों का उद्घाटन किया। साथ ही परियोजना के दूसरे चरण के तहत धुबरी , नलबाड़ी , गोलपारा , नगांव , शिवसागर , तिनसुकिया और गोलाघाट में बनने वाले सात नये कैंसर अस्पतालों की आधारशिला भी रखी। इसके अलावा पीएम मोदी ने कार्बी आंगलोंग में मांजा पशु चिकित्सा महाविद्यालय , वेस्ट कार्बी आंगलोंग कृषि महाविद्यालय , अम्पानी वेस्ट कार्बी आंगलोंग गवर्नमेंट कॉलेज सहित कई योजनाओं की आधारशिला भी रखी।


















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