हवा का झोंका और राखड़ वर्षा... बालको नगरवासी राख वर्षा से परेशान*
कोरबा।बालको प्लांट से निकले वाली राख अब ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए खतरा साबित हो रहा है। हल्की सी हवा का झोंका और बालको में राख की वर्षा अब आम बात हो गई है। राखड़ वर्षा से परेशान ग्रामीणों कई तरह की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे है।
बता दे कि राख खाते है राख पीते है और राख ही जीते है। ये कहना है बालको नगर के लोगो का। बालको प्लांट से निकलने वाले राख की खपत कम होने की वजह से डेम पूरी तरह भर चुका है। अब राख लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। कहने को तो राख का कागजो में यूटिलाइजेशन जोरो पर है पर असल हकीकत कुछ और बया कर रहा है।
राख उड़ने से घरों में खाने का सामान हो रहा खराब
मौसम में बदलाव के बीच शहर में राख व धूल उड़ने की समस्या भी बनी हुई है। थोड़ी हवा चलते ही राख हवा में उड़ने लगती है। इससे लोगों को परेशानी होती है। काॅलोनी, बस्तियों में राख लोंगों के घरों के आंगन व पेड़-पौधों की पत्तियों में भी जमा देखी जा सकती है। बाहर निकालने पर आंखो में चुभन होती है। राख उड़ने की वजह से वातावरण के साथ ही लोगों के सेहत पर प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है।



















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