एक्शन में कलेक्टर एसपी : एसईसीएल के कोयला खदानों का किया आकस्मिक निरीक्षण
कोरबा। सोशल मिडिया में खदान के भीतर चल रहे प्राइवेट उत्खनन का वायरल विडियो के बाद आईजी ने एक चिट्ठी क्या लिखा पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। आईजी के निर्देश बाद शाम ढलते ही दो थानेदारो को लाइन अटैच किया। अब खुद एसपी और कलेक्टर कोयला खदान पहुंचकर कोयला चोरी का निरीक्षण कर चोरी रोकने का एसईसीएल प्रबंधन को निर्देश दिए है।
बता दें कि कलेक्टर श्रीमती साहू ने पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल की मौजूदगी में कोयला खदानों में कोयला चोरी की शिकायत और कोयला चोरी के संबंध में वायरल विडियो के जांच के संदर्भ में कोयला खदानो का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने एसईसीएल और सीआईएसएफ के अधिकारियों से खदानों में होने वाले अवैध कोयला चोरी और अवैध प्रवेश-निकास द्वारो के बारे में जानकारी ली। उन्होने खदान क्षेत्र के अंतर्गत नरईबोध, भठोरा, रलिया और अमगांव में जाकर विभिन्न एन्ट्री और एग्जिट पॉइन्टस का अवलोकन किया। इन क्षेत्रों में कोयला चोरी रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और घेराबंदी नही पाया। प्राथमिक तौर पर यह एसईसीएल और सीआईएसएफ की लापरवाही है। सुरक्षा व्यवस्था और ट्रेंचिंग नही पाये जाने पर कलेक्टर श्रीमती साहू ने एसईसीएल और सीआईएसएफ के अधिकारियों पर गहरी नाराजगी जताई। कलेक्टर श्रीमती साहू ने मौके पर ही जेसीबी के माध्यम से अवैध रास्तो पर ट्रेंचिंग करवाने के निर्देश दिये। कलेक्टर की मौजूदगी मे ही ट्रेंचिंग का काम शुरू किया गया। कलेक्टर श्रीमती साहू ने अवैध कोयला उत्खनन और चोरी रोकने के लिए चिन्हाकिंत जगहों पर चेक पोस्ट बनाकर एसआई रैंक के अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश सीआईएसएफ के अधिकारियों को दिये। साथ ही ऐसे जगहो पर सीसीटीवी कैमरा लगाकर निगरानी करने के निर्देश दिये। इस दौरान एसईसीएल, सीआईएसएफ, खनिज विभाग के अधिकारीगण तथा एसडीएम कटघोरा कौशल प्रसाद तेंदुलकर मौजूद रहे।
फरवरी में दी थी चेतावनी
कलेक्टर श्रीमती साहू ने फरवरी में सीआईएसएफ, एसईसीएल के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर कोयला खदानों मे कोयला चोरी रोकने आवश्यक सुरक्षा के इंतजाम और खदानो की घेराबंदी करने के निर्देश दिये थे। साथ ही चेकपोस्ट बनाकर कोयला चोरी को रोकने सतत निगरानी रखने के भी निर्देश दिये थे। बैठक में कलेक्टर श्रीमती साहू ने कहा था कि खदानों से कोयला चोरी रोकने की पूरी जिम्मेदारी सुरक्षा में लगी सी आई एस एफ की है। सी आई एस एफ खदानों की सुरक्षा के लिए तैनात है। सी आई एस एफ के पास पर्याप्त सैनिक बल भी है । ऐसे में खदानों से कोयला चोरी को रोकने के लिए उचित व्यवस्था की जिम्मेदारी भी सुरक्षा एजेंसी की है। एसईसीएल और सीआईएसएफ द्वारा उक्त निर्देशो का पालन ठीक ढंग से नही किया गया। कलेक्टर श्रीमती साहू ने प्रबंधन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरते जाने के कारण प्राप्त हो रही कोयला चोरी की शिकायतो पर संज्ञान लेते हुए आज कोयला खदानो का आकस्मिक निरीक्षण किया।




















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