खैरागढ़. शहर की सफाई सुधारने अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती के बाद खैरागढ़ जिले के ओएसडी डॉ. जगदीश सोनकर ने सफाई कर्मियों को सफाई के दौरान सारी व्यवस्था और ड्रेस कोड जारी करने के निर्देश दिए है।
शहर में सफाई व्यवस्था के लिए पालिका प्रशासन माह भर से अतिरिक्त व्यवस्था बनाने में जुटा है।
शहर के मुख्य सड़क की रोजाना सफाई कराई जा रही है तो मुख्य सड़कों पर महीनों से पडे़ मटेरियलाें, अतिक्रमणों को भी हटाया जा चुका है। अब मुख्य सड़क की सफाई रोजाना करानें के साथ नालियों की सफाई और अन्य व्यवस्था बनाई गई है। शहर की सफाई व्यवस्था को दुरूस्त रखने अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों को भी तैनात किया गया है। वर्तमान में 40 सफाई कर्मी शहर में सफाई व्यवस्था की बागडोर संभाल रहे है।
सफाई कर्मियों के पास सफाई के सामान पर्याप्त मौजूद है लेकिन उनके पास होने वाले सुरक्षा के सामान उपलब्ध नही है। सफाई का जायजा लेने निकलें ओएसडी ने सफाई के दौरान कर्मियों से सुरक्षा सामानों की जानकारी ली तो किसी के पास भी ऐसी व्यवस्था नही मिली। सफाई कर्मी चप्पल पहन कर ही नालो और नालियों की सफाई कर रहे। उनके पास दस्तानें मास्क सहित अन्य सफाई के ड्रेसकोड उपलब्ध नही थे। जिसके बाद ओएसडी ने नगर पालिका सीएमओ सूरज सिदार को इसकी व्यवस्था तत्काल बनानें के निर्देश जारी करते कहा कि विपरीत परिस्थितियों में सफाई में पूरी मेहनत लगा रहे सफाई कर्मियों के पास ड्रेसकोड के साथ सुरक्षा के संसाधन होने आवश्यक है।
जिला गठन की प्रक्रिया के दौरान अब शहर की सफाई को पहली प्राथमिकता में रखा गया है। सड़कों की सफाई रोजाना जारी है। इसके साथ नालों की सफाई की प्रक्रिया भी बारिश पूर्व करनें की कवायद लगातार जारी है। नालियों की सफाई, मलबा हटानें, धूलमुक्त सड़क करने के साथ सफाई को लेकर अन्य व्यवस्था भी बनाई जा चुकी है। शहर के प्रमुख व्यवसायिक इलाकों में रात्रिकालीन सफाई को और व्यवस्थित करनें के साथ इसका दायरा बढ़ाया गया है। ओएसडी डॉ. सोनकर नें इसके लिए भी परीक्षण उपरांत अतिरिक्त व्यवस्था बनाने के निर्देश जारी किए थे। इसके बाद रात्रिकालीन सफाई के लिए भी पहले से चल रहे कर्मचारियों के साथ अतिरिक्त कर्मचारी और संसाधन उपलब्ध कराए गए है।
सुरक्षा यंत्रों से लेस होंगे सफाई कर्मी
ओएसडी के आदेश के बाद सफाई कर्मियों को जूते, दस्ताने, मास्क सहित ओवर कोट दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। सफाई कर्मी अब बिना सुरक्षा उपकरण के नालों नालियों की सफाई नही करेंगे। इससे उन्हे किसी तरह की चोंट और गंदगी से बचाया जा सकेगा। रात्रिकालीन सफाई के दौरान भी ड्रेसकोड होने से सफाई कर्मी आसानी से पहचाने जा सकेंगे। और कचरा उठाने, संग्रहण करने के दौरान सहुलियत होगी। सफाई के दौरान किसी प्रकार का खतरा भी नही होगा।
*सीएनआई न्यूज़ खैरागढ़ से सोमेश कुमार की रिपोर्ट*


















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