जीपीएम :— पारंपरिक आदिवासी महासभा के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष हेमचंद मसराम के द्वारा अनुविभागीय दंडाधिकारी/अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुविभाग मरवाही जिला जीपीएम छ.ग.को धनपुर मंदिर गर्भगृह में मूर्ति स्थापना के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया।
CNI NEWS / जीपीएम जिला होने के साथ भारतीय संविधान की पांचवी अनुसूची में शामिल होता है।अनुसूचित क्षेत्रों में बिना ग्राम सभा के प्रस्ताव को बगैर किसी भी ग्राम पंचायत में किसी भी प्रकार का निर्माण विधि विरुद्ध होता हैं ।
श्रीमान को ज्ञात हो कि ग्राम पंचायत धनपुर स्थित आस्था स्थल अपने प्रारंभिक काल से ही मां दूरपता दाई के चौरा के नाम से विख्यात रहा हैं। और मां दुर्पता दाई चौरा में आदिवासी बैगाओं के द्वारा प्रारंपरिक और प्रचलित रूढ़ियों के अनुसार पूजा अर्चना किया जाता हैं।मां दुर्पता दाई चौरा न केवल आदिवासियों का आस्था स्थल हैं।बल्कि आदिवासियों के परंपरा और रूढ़ियों का प्रचार प्रसार और संरक्षण का केंद्र होता हैं।यह की, अनुसूचित क्षेत्रों के आदिवासी आस्था स्थलों में पब्लिक ट्रस्ट का निर्माण विधि विरुद्ध हैं।
यह की,भारत का संविधान के पांचवी अनुसूची एवं अनुच्छेद 244(1)अनुसूचित क्षेत्रों में अनुसूचित जातियों के प्रशासन एवं नियंत्रण अर्थात स्वशासन की बात स्पष्ट हैं।
यह की,आदिवासी समाज प्रकृति पूजक होता हैं। और वह हिंदू धर्म के अंतर्गत नहीं आते हैं।
श्रीमान को ज्ञात हो कि, गौरेला पेंड्रा मरवाही अनुसूचित जिला हैं। और जहां पर पेशा एक्ट 1996 लागू हैं।ऐसे में बिना ग्राम सभा प्रस्ताव के मूर्ति स्थापना विधि विरुद्ध हैं।
यह विचारणीय हैं की, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 13(3)क, के अनुसार आदिवासियों के रूढ़ी प्रथा को विधि का बल प्राप्त है। ऐसी स्थिति में मां दुर्पता दाई चौरा में आदिवासियों के रूढ़ी के विरुद्ध जाकर मूर्ति स्थापना करना,आदिवासियों के परंपराओं को खत्म करने का कदम प्रतीत होता हैं।
यह कि पेसा एक्ट 1996 की धारा 4(क)(ध) में लेख है। की राज्य विधानमंडल इस भाग के अधीन ऐसा कोई विधि नहीं बनाएगा जो की धारा 4 (क)(ध) के असंगत हो।जबकि लोकन्यास अधिनियम 1951 संविधान के भाग 9 के तथा इस उपबंध के विरुद्ध है। श्रीमान को ज्ञात हो कि ग्राम पंचायत धनपुर का मामला सरगुजा संभाग के जिला बलरामपुर स्थित बाबा बच्छराज कुंवर धाम से अलग प्रकृति का नहीं है।
और बाबा बच्छराज कुंवर धाम के पब्लिक ट्रस्ट निर्माण को न्यायालय श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी व अनुदंडाधिकारी बलरामपुर ने विधि विरुद्ध माना है। और उक्त निर्णय को माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ से पुष्टि किया गया है। अवलोकन हेतु प्रकरण की प्रति संलग्न है।
अतः श्रीमान से निवेदन है कि धनपुरी स्थित मां दुर्पता दाई आस्था स्थल के गर्भ गृह में हिंदू देवी देवताओं का मूर्ति स्थापना करने से रोक लगाएं जाने की कृपा करेंगे।अन्यथा प्रारंपरिक आदिवासी महासभा के बैनर तले उग्र आंदोलन कर सामूहिक गिरफ्तारी देने को बाध्य होंगे।
संलग्न :—
बाबा बच्छराज कुंवर पब्लिक ट्रस्ट निर्माण/गठन के संबंध में अनु दंडाधिकारी बलरामपुर एवं माननीय उच्च न्यायालय का निर्णय।
प्रतिलिपि:—आवश्यक कार्यवाही बाबत
(1) महामहिम राज्यपाल महोदया,छत्तीसगढ़
(2) माननीय मुख्यमंत्री महोदय छत्तीसगढ़ शासन
(3) माननीय गृह मंत्री महोदय छत्तीसगढ़ शासन
(4) माननीय पंचायत मंत्री छत्तीसगढ़ शासन
(5) श्रीमान कलेक्टर महोदय, जीपीएम
(6) श्रीमान समस्त मिडिया प्रभारी,जीपीएम
पारंपरिक आदिवासी महासभा के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष हेमचंद मसराम,गोंडवाना गणतंत्र पार्टी युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष सावन सिंह टेकाम,गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ब्लॉक अध्यक्ष गौरेला दया सिंह मार्को,गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ब्लॉक उपाध्यक्ष मंगल सिंह पोट्टाम,अमन सिंह ओट्टी एवं पचासों युवाओं द्वारा उपस्थित होकर अपनी पारंपरिक रुढ़िवादी स्थापित मां दुर्पता मईया की अस्मिता बचाने के लिए हर हाल में लड़ने के लिए तैयार हैं।
सूरज यादव
CENTRAL NEWS INDIA CHANNEL
जिला ब्यूरो/संवाददाता
गौरेला पेंड्रा मरवाही छ.ग.
9617435197





















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