निगम के पाइप लाइन कनेक्शन, बिजली के खंभे व पेड़ बन रहे हैं, सड़कों के निर्माण में बाधा, विभाग के लापरवाही से सड़क निर्माण में हो रही विलंब जनता परेशान,
विभागों में आपसी तालमेल ना होने से सड़क निर्माण कार्य में धीमी गति से,
कोरबा - कोरबा जिले में दर्री बराज से जमनीपाली होते हुए गोपालपुर तक सड़क का निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी विभाग के द्वारा कराया जा रहा है, लगभग 2 महीना होने को है, लेकिन सड़क निर्माण धीमी गति से चल रहा है। इसके लिए सरकार से ज्यादा, कई सरकारी विभाग दोषी हैं। दर्री से गोपालपुर सड़क के निर्माण में सड़को के किनारे खडे़ बिजली के खंभे व वन विभाग के वृक्ष और साथ ही साथ निगम के जल नल योजना के तहत घरों में लगाई गई पाइप कनेक्शन बड़ी बाधा बन रही हैं। फरवरी 2022 को सड़क निर्माण को लेकर वर्क आर्डर दिया गया था, लेकिन 4 महीने बीत जाने के बाद भी दिनांक आज तक साइड किलियर नहीं दिया गया, सड़क निर्माण में जिम्मेदार विभाग के आपसी तालमेल ना बनने से सड़क निर्माण कार्य धीमी गति से हो रही है, सड़क किनारे बिजली खंभे एवं पेड़ पौधे एवं नगर निगम के पाइपलाइन कनेक्शन अब तक हटाया नहीं गया, सूत्रों से
यह जानकारी पता चला कि लोक निर्माण विभाग पाइपलाइन शिफ्टिंग कार्य के लिए ढाई करोड़ रुपए नगर निगम को जमा किया जा चुका है, लेकिन निगम के द्वारा आज दिनांक तक पाइप लाइन का शिफ्टिंग का टेंडर नहीं किया गया, निगम की सुस्ती के चलते सड़क निर्माण कार्य अधर में लटके हुए हैं। यही आलम वन विभाग का है। वन विभाग को लोक निर्माण विभाग के अधिकारी पत्र लिख-लिखकर थक चुके हैं, लेकिन उन्होंने भी सड़कों के किनारे खडे़ पेड़ों को नहीं काटा है। सरकारी विभागों की लापरवाही का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। लोग लंबे समय से टूटी सड़कों पर चलने को मजबूर हैं। जबकि यह सड़क मुख्य सड़क मानी जाती है जो कटघोरा, बिलासपुर, अंबिकापुर एवं अन्य शहरों एवं राज्य को जोड़ती है, लगभग 10 किलोमीटर लंबी सड़क को बनाने के लिए 35 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ पड़ा है। सूत्र यह भी बताते हैं कि इस रोड को बनाने में सबसे बड़ी बाधा सड़क निर्माण में जिम्मेदार विभाग के आपसी तालमेल ना बनने यही सबसे बड़ी बाधा सामने आ रही है, जिसकी वजह से सड़क निर्माण कार्य धीमी गति से हो रही है, जिससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि सड़क निर्माण में आने वाली पेड़ बिजली के खंभे एवं निगम के पाइप लाइन को हटाने की जिम्मेदारी उन सभी विभागों की जिम्मेदार अधिकारी की होती है, जिनकी सुस्त रवैया से सड़क निर्माण कार्य कछुए की चाल से भी धीमी निर्माण हो रहा, रोड के साथ खडे़ पेड़ एवं बिजली के खंभे हैं। जब तक पेड़ नहीं कटेंगे बिजली के खंभे नहीं हटेगा, तब तक रोड को न चौड़ा किया जा सकता है, और न ही उसे बनाया जा सकता है। लोक निर्माण विभाग वन विभाग को इन पेड़ों को काटने के लिए काफी पहले लिख चुका है, लेकिन वन विभाग के सुस्त रवैये के चलते पेड़ नहीं कट रहे हैं, और सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह से राहगीर, आम जनता एवं गांव के लोग परेशान हैं।
वर्जन
संपर्क साध रहे हैं- लोक निर्माण विभाग के अधिकारी अशोक वर्मा का कहना है कि जिन सड़कों के निर्माण में पेड़ और बिजली के खंभे बाधा हैं, उन विभागों के अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। ताकि जल्दी से जल्दी सड़कों का निर्माण हो और लोगों को सुविधाएं मिले।




















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