नहर निर्माण में निभाई जा रही औपचारिकता, हल्की बारिश में ही धूल गया सीमेंट गिट्टी
इमरान खान की रिपोर्ट 7974110132
बिलासपुर (कंचनपुर) ----इन दिनों कोटा ब्लाक के कंचनपुर, मझवानी, पंडरापथरा, आमामुड़ा, नगोई, सोनपूरी बानाबेल में सिंचाई विभाग द्वारा भ्रष्टाचार करते हुए करोड़ रुपए की लागत से नहर निर्माण की औपचारिकता भर निभाई जा रही है। नहर निर्माण में स्तरहीन गिट्टी, सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही बिना वाइब्रेटर चलाए निर्माण किया जा रहा है।
जिससे आने वाले पहली बरसात में ही नहर में दरारें आ जाएगी और जल्द ही टूटकर पानी में बह जाएगी। किसानों की खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा माईनर नहरों का विस्तार करते हुए नए नहर निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। मगर इसमें गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है। इसके चलते इसका लाभ किसानों को नहीं मिल पाएगा और अंतिम छोर के खेतों तक नहर का पानी नहीं पहुंच पाएगा।
ऐसे में करोड़ों रूपए खर्च का भी कोई फायदा किसानों को नहीं मिलेगा। संबंधित अधिकारी व इंजीनियर के द्वारा निर्माण कार्य का निरिछान ही नहीं किया जाता हैं l जिससे नहर निर्माण भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ रहा हैं वहीं सिचाई विभाग के एसडीओ द्विवेदी व ई इम्तियाज़ अहमद सिद्दिकी को कॉल करने पर फोन नहीं उठाया गया l
कमजोर बेस के कारण निर्माणाधीन नहर में दरारें
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य का जायजा लेकर बताया कि 8 का बेस होना चाहिए। लेकिन ठेकेदार द्वारा नाम मात्र का 4 से 5 इंच का बेस डाला जा रहा है। निर्माण सामग्री का उपयोग भी पर्याप्त मात्रा में न कर अनियमितता की जा रही है। इससे नहर में दरारें आएगी और पानी रिसाव होने से नहर टूटने की संभावना रहेगी। नहर टूटने से शासन की राशि बर्बाद होगी साथ ही किसानों की फसल भी चौपट हो सकती है। भ्रष्टाचार का नजारा सोनपूरी में देखने मिला हल्की बारिश से ही सीमेंट व गिट्टी से निर्माण उखाड़ने लगा l
निर्माण स्थल से समरी बोर्ड गायब
राज्य सरकार का नियम है कि किसी भी प्रकार के शासकीय निर्माण कार्य में मानक सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य है। जिससे आम नागरिकों को उक्त निर्माण कार्य की लागत, मापदंड, संबंधित ठेकेदार के फर्म व संबंधित अधिकारियों का नाम नंबर और संबंधित इंजिनियर, एसडीओ का नाम नंबर पता चले। लेकिन ठेकेदार द्वारा भ्रष्टाचार करते हुए नहर निर्माण कार्य तो तीव्र गति से चलाया जा रहा है लेकिन ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य के दौरान मानक बोर्ड नही लगाया गया है जिस पे स्थानीय लोगो और जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लगाया है।
बिना धुरमुस चलाए नहर निर्माण का कार्य
पूरे नहर निर्माण कार्य में कही भी ठेकेदार द्वारा धुरमुस या मुरुम को दबाने के लिए किसी भी औजार का उपयोग नहीं किया जा रहा है। जिससे गुणवत्ता पर सवाल उठना लाजिमी है। ज्ञात हो की धुरमुस चलाने से सिमेंट, गिट्टी मटेरियल की खपत ज्यादा होती है। जिसको बचाने के लिए ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण किया जा रहा है, जो आने वाले समय में नहर टूट जाएगी और जिन किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए यह नहर निर्माण किया जा रहा है इस घटिया निर्माण से उन्ही किसानों की पानी नहीं मिल पाएगी।
ग्रामीण करेंगे मुख्यमंत्री से शिकायत
ग्राम पंडरापथरा के उपसरपंच अमरीश विग ने बताया की निर्माण कार्य गुणवत्ताहीन कराया जा रहा हैं नहर से किसानों को पानी नहीं मिल सकता इससे किसानों को इसका लाभ भी नहीं मिल पायेगा इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से किया जाएगा l




















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