रियल इस्टेट के कारोबार में पारदर्शिता आवश्यक - सीएम बघेल
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
रायपुर - उपभोक्ताओं और कालोनाइजरों के हितों के संरक्षण में रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल एक महत्वपूर्ण फोरम साबित होगा। रियल स्टेट के कारोबार में एक तरफ आम उपभोक्ता होता है , तो दूसरी तरफ बिल्डर और कॉलोनाइजर होते हैं। दोनों के अपने-अपने हित होते हैं। दोनों के हितों का संरक्षण शासन का दायित्व है। रियल स्टेट के कारोबार में जितनी अधिक पारदर्शिता होगी और जितने कम विवाद होंगे , यह सेक्टर उतनी ही तेजी से ग्रोथ करेगा।
उक्त बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय से बीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये रायपुर के मौलश्री विहार कालोनी में रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल के नवनिर्मित भवन का वर्चुअल लोकार्पण करते हुये कही। कार्यक्रम स्थल पर रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष जस्टिस शरद कुमार गुप्ता ने नवनिर्मित भवन का फीता काटा। इस अवसर पर सीएम बघेल ने कहा कि रियल इस्टेट (रेगुलेशन एन्ड डेवलोपमेन्ट) एक्ट 2016 के तहत रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े विवादों के निराकरण के लिये रेरा और रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल फोरम बनाये गये हैं। रेरा या अन्य एड्यूडिकेटिंग अथॉरिटी के निर्णय से असंतुष्ट पक्ष रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल में अपील कर सकेंगे। उन्होंने बताया रियल इस्टेट के क्षेत्र में प्रमोटर की मनमानी को रोकने के लिए रियल इस्टेट ( रेग्युलेशन एंड डेवलपेंट) एक्ट 2016 संसद द्वारा पारित किया गया था। इस अधिनियम के तहत विवादों के हल के लिये दो फोरम हैं। पहला फोरम है रेरा और दूसरा फोरम अपीलेंट ट्रिब्यूनल है। अपीलेंट ट्रिब्यूनल के जरिये रेरा या एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी के आदेश से असंतुष्ट व्यक्ति अपील प्रस्तुत कर सकता है। छत्तीसगढ़ में आज पक्षकारों की सुविधाओं में बढ़ोत्तरी करते हुये अपीलीय ट्रिब्यूनल के कार्यलय भवन का उद्घाटन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान तमाम तरह की चुनौतियों के बावजूद छत्तीसगढ़ के हर सेक्टर में अच्छी ग्रोथ हुई , इनमें रियल इस्टेट सेक्टर भी शामिल है। उन्होंने कहा कि रियल इस्टेट सेक्टर लोगों के सपनों से जुड़ा हुआ है। एक सुंदर सा घर हर व्यक्ति का सपना होता है। शासन स्तर पर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों की आवास संबंधी जरूरत पूरी करने के लिये लगातार प्रयास किया जा रहा है। रियल स्टेट सेक्टर को रियायतें और सुविधायें देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है। वहीं इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष जस्टिस शरद कुमार गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि रियल इस्टेट सेक्टर में अपनी पूंजी लगाकर भवन , जमीन , दुकान के खरीददारों को शोषण से बचाने और उनके हितों की रक्षा के लिये अपीलेट ट्रिब्यूनल की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि रियल इस्टेट ट्रिब्यूनल का महत्व इसी से समझा जा सकता है कि इसके अध्यक्ष उच्च न्यायालय के सेवा निवृत्त न्यायाधीश ही हो सकते हैं। यह ट्रिब्यूनल रेरा या एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी के आदेश की वैधानिकता की जांच का महत्वपूर्ण फोरम है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में खाद्य एवँ संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत , संसदीय सचिव यू.डी. मिंज , छत्तीसगढ़ हस्त शिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप , विधायक डॉ. विनय जायसवाल और कार्यक्रम स्थल पर रियल स्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष जस्टिस शरद कुमार गुप्ता , छत्तीसगढ़ लोक आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति टी.पी. शर्मा , छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आर.पी. शर्मा , राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य एन.सी. सांखला , महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा , राज्य उपभोक्ता प्रतितोष आयोग की रजिस्ट्रार सुश्री उदय लक्ष्मी परमार , विधि एवं विधायी कार्य विभाग के प्रमुख सचिव आर. के. तिवारी सहित मुख्यमंत्री के सचिव डॉ.एस.भारतीदासन भी उपस्थित थे।



















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