महिला आयोग द्वारा पीड़ित बालिका को कानूनी लड़ाई के लिए मदद की सकारात्मक पहल।
स्वतः संज्ञान लेकर पीड़िता को आयोग के खर्च पर पहली बार दिलाई जायेगी विधिक सहायता
सी एन आई न्यूज़ के लिए पुरुषोत्तम जोशी
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर सखी सेंटर पहुंची एक पीड़ित बालिका को कानूनी लड़ाई के लिए विधिक सहायता उपलब्ध कराने की सकारात्मक पहल की गई है। पीड़ित बालिका की ओर से न्यायालय में पैरवी के लिए आयोग के खर्च पर अधिवक्ता नियुक्त किया गया है। मामले के निपटारे तक आयोग की ओर से प्रकरण की निगरानी भी की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक पीड़ित बालिका की जानकारी प्राप्त होने पर कोण्डागांव के सखी सेंटर पहुंची। उनके साथ महिला आयोग की सदस्य सुश्री नीता विश्वकर्मा, सुश्री अर्चना उपाध्याय और महिला आयोग के कर्मचारी भी मौजूद थे। इनके समक्ष पीड़िता ने अपनी शिकायत रखते हुए बताया कि 03 माह पहले उसकेे साथ गांव के ही आरोपियों ने बहुत ही घृणित कार्य किया है। इससे वह बहुत व्यथित है। उसने बताया कि इस मामले में न्यायालय में चालान प्रस्तुत हो चुका है, लेकिन आरोपियों द्वारा लगातार उस पर समझौते के लिए दबाव डाला जा रहा है। आयोग द्वारा मामले को संज्ञान में लेते हुए पीड़िता के बयान दर्ज होने से लेकर न्यायालय में निर्णय होने तक आवेदिका के लिए अधिवक्ता नियुक्त किया गया। अधिवक्ता द्वारा प्रतिमाह प्रकरण की कार्यवाही की रिपोर्ट आयोग को दी जाएगी। साथ ही विधिक सहायता भी पेरालिगल सलाहकार द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी।


















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