Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Monday, September 26, 2022

मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों को विश्व पर्यटन दिवस की थी शुभकामनाएं



*सी एन आई न्यूज़ के लिए पुरुषोत्तम जोशी*

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 27 सितम्बर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। श्री बघेल ने अपने बधाई संदेश में कहा है कि छत्तीसगढ़ पर्यटन की संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य है। जहां प्राकृतिक सौंदर्य के मनोरम स्थलों के साथ धार्मिक और पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के अनेक स्थल हैं। नदियां, झरने, जल प्रपात, सघन वनों से आच्छादित पर्यटन स्थल बरबस ही पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। छत्तीसगढ़ के अनेक स्थल हमारी प्राचीन पौराणिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े हुए हैं। राज्य सरकार का पूरा ध्यान यहां के पर्यटन को विकसित करने की ओर केंद्रित है। 

मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्राचीन दंडकारण्य वन और माता कौशल्या की जन्म-स्थली हमारे गौरव हैं। इंद्रावती नदी पर चित्रकोट जलप्रपात, सिरपुर का प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर और बस्तर का दशहरा पूरे देश में प्रसिद्ध है। ऐसी मान्यता है कि छत्तीसगढ़ के रामगढ़ की पहाड़ियों में महाकवि कालीदास ने मेघदूत की रचना की है। यहां सबसे प्राचीन नाट्यशाला है। श्री बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ का पर्यटन परिदृश्य एवं सांस्कृतिक परंपरा अनोखी है। छत्तीसगढ़ के पौराणिक महत्व और उसकी खूबसूरती से देश-दुनिया का परिचय कराने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। यहां के पर्यटन केन्द्रों को विकासित किया जा रहा है। भगवान रामचंद्र अपने वनवास के दौरान प्राचीन छत्तीसगढ़ (दक्षिण कोसल) के जिन क्षेत्रों से गुजरे थे, उसे राम वनगमन पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित किया जा रहा है। कोरिया से लेकर सुकमा तक इस पर्यटन परिपथ का निर्माण किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत देश-विदेश के पर्यटकों को उच्च स्तर की सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।  


मुख्यमंत्री ने कहा कि राजिम में लगने वाले मेले को राजिम पुन्नी मेला के नाम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा से जोड़ कर नया स्वरूप दिया गया है। छत्तीसगढ़ में ईको एव ट्राईबल टूरिज्म के तहत 13स्थानों को एथनिक स्थलों में विकसित किया जा रहा है।जल एवं साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में सतरेंगा का विकास एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके साथ ही राज्य में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन कर छत्तीसगढ़ को विश्व पटल पर स्थापित करने का प्रयास किया गया है।

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad