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Friday, October 28, 2022

2 साल बाद आज बहन को जेल में बंदी भाई से मिलने का मिला मौका



सी एन आई न्यूज म.प्र.से सिवनी से छब्बी लाल कमलेशिया की रिपोर्ट

 27, 2022

सिवनी। जिला जेल सिवनी में बंदी से मिलने के लिए गुरुवार को बहन को अपने भाई से मिलने का मौका मिला। भाई दूज के मौके पर अपने भाई को टीका लगाने के लिए बहने जेल परिसर पहुंची है और भाई को नेक राह पर चलने की सलाह देते हुए उसकी कुशल क्षेम ईश्वर से मांगी।

कोरोनाकाल के चलते सामान्य मुलाकात भी बंद हो गई थी। वही 2 वर्ष के बाद जिला जेल में बंदी भाइयों से मिलने के लिए बहन गुरुवार को पहुंची। इस मामले में जेल अधीक्षक एचएस आर्मो ने बताया कि गुरुवार को भाईदूज के अवसर पर जिला जेल में सुबह 8:30 बजे से दोपहर तक बहन अपने भाई से मुलाकात कर सके इसके लिए पूरी व्यवस्था बनाई गई थी। बहन यहां अपने भाई से रूबरू हुई और उनसे मुलाकात की।

जेलर अजय सिंह वर्मा व डिप्टी जेलर कैलाश नेवारे ने बताया कि दोपहर 1:30 बजे तक लगभग 64 बंदियों से बहनों ने मुलाकात की। इसके साथ ही महिला मुलाकात की भी व्यवस्था की गई। जिसमें जिला जेल में बंदी 8 महिलाओं से मिलने के लिए उनके भाई भी पहुंचे। जहां भाइयों को बहनों से मुलाकात कराई गई।


जेल अधीक्षक ने बताया कि गुरुवार को जिला जेल में 322 बंदी है। जिनमें 314 पुरुष और 8 महिलाएं हैं। भाईदूज के मौके पर जेल में बंदी भाइयों को मीठा देने के लिए बहने पहुंची थी उन्हें नियमानुसार 100 से 200 ग्राम तक मीठा देने की अनुमति थी। शांतिपूर्ण तरीके से व निर्देशों का पालन करते हुए आज की मुलाकात कराई गई। इसमें से कुछ भाई बहनों की मुलाकात भावुकता पूर्ण भी नजर आई। जहां बहन भाई जब आपस में मिले तो भाइयों के भी आंखों में आंसू आ गए थे। बहन ने भाई को इस मौके पर समझाया कि यहां से निकलने के बाद उनसे जाने-अनजाने में जो भी गलती हुई हो सब कुछ भुलाकर एक सादा जीवन व्यतीत करना है। व परिवार को खुशहाली प्रदान करना है। जो हुआ उसे भूल जाएं। बहन की इस प्रकार की मर्मस्पर्शी बातें सुनकर भाई की आंखें डबडबा आई और उन्होंने बहन को वचन दिया कि यहां से निकलने के बाद वे परिजन और समाज व देश हित में काम करेंगे और ऐसा कोई अपराध दोबारा कभी नहीं करेंगे जिससे उन्हें यहां दोबारा जेल में आना पड़े।

जेल अधीक्षक ने बताया कि गुरुवार को दोपहर तक 64 मुलाकात में कुछ बहने अपने परिजनों के साथ आई थी, वह कुछ नन्हे-मुन्ने बच्चों को लेकर आई थी।

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