राजनांदगांव -कई कानूनी धाराओं से लबरेज आरोपियो के घर रात के अंधेरे में क्यो गए शहर के तथाकथित समाज के ठेकेदार
धर्म नगरी डोंगरगढ़ का पूरा मामला ऐसा है कि रात में सेवा नगर स्तिथ गम्भीर मामलों के आरोपी के घर पहुँच कर उनके परिवार वालो से या छुपे हुये आरोपियों से मुलाकात की ? मुलाकात करने वालो में अपने आप को समाज के ठेकेदार बताने व आदिवासी समाज के हितैषी बताने वालों को यह बात अच्छी तरह से पता है कि जिस हतेल परिवार के यह गए है वो पूरा विवादग्रस्त में है तथा समाज के एक धड़ा को हमेसा परेशान करने व उनके कारण से उनकी मौत हुई हो कई ऐसे गम्भीर मामला है जो जग जाहिर है जैसे कि *डोंगरगढ़ के गोलबाजार स्थिति गुप्ता परिवार तो हतेल परिवार से त्रस्त होकर नगर से पलायन कर गया कालकापारा के कुलकर्णी परिवार को घर से बेघर कर दिए ,एकबत्ती पांच रस्ता व मुसरा के परिवार के लोगो से 7 लाख राशि हड़प लिया गया भैसरा के किसान परिवार का तो पूरा खेत अपने नाम कर लिया ऐसे तमाम मामला है और पीड़ित है जो हतेल परिवार के कारण बर्बादी की ओर है*
सभी मामलों का डोंगरगढ़ थाना में दर्ज है लेकिन वह रे सत्ता पक्ष विपक्ष व पुलिस प्रशासन आज भी अंधा बना हुआ है
अभी हाल ही कि बात करे तो टिकरापारा समीप आदिवासी के एक युवक जिसकी अभी हाल ही में शादी हुई थी उसने आत्महत्या कर ली और बकायदा सुसाइट नोट में कई *आरोपो से घिरे नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष अपने आपको भाजपा नेता कहने वाले तरुण हतेल व उसका छोटा भाई अजित हतेल उर्फ गब्बर हतेल जो रेलवे में नोकरी करता है ,अरविंद हतेल एव सोनम श्रीवास साहू का नाम लिखा है* जिसके कारण मौत हुईं अभी आरोपि फरार है ऐसा पुलिस का कहना है और इधर समाज के ठेकेदारों ने उनसे रात में मिलने गए
इतने गम्भीर आरोपो से घिरे लोगो से मिलना व बात करना भी एक गम्भीर विषय है लेकिन कल रात के अंधेरे में दुर्ग जिला के एक हिन्दू समाज के ठेकेदार दूसरा डोंगरगढ़ सरस्वती शिशुमन्दिर से जुड़े बड़ा चेहरा तीसरा अभी अभी समाज के ठेकेदारी करने का बीड़ा उठाने वाले युवा और अन्य लोग भी है जो अपनी अपनी वेवस्था के साथ रात के अंधेरे में आरोपियों के घर पहुँच कर गुमताड़ करके घण्टो बाद लौटे है दुर्भाग्यपूर्ण है कई परिवार को बर्बाद करने वाले तरुण हतेल परिवार से अपने आपको समाज सेवी कहने वाले मिलने जाते है है कडुवा सच अगर आरोपियों जा इज्जत होता तो निश्चित ही मिलने जाने वाले दिन में जाते मुलाकात करने तो सयद समाझ आता कि ह सही आदमी से मिले है और शोशल मीडिया में फ़ोटो भी डालते तो डोंगरगढ़ के कुछ दोगलापन वाले मीडिया उसे प्रकशित करते खैर अब वो लोग नही किए वायरल तो समय आने पर नगर के जागरूक व ईमानदार पत्रकार इसे वायरल जरूर करेगा ऐसा नगर के त्रिनेत्र मतलब सीसीटीवी कैमरा देखते है
डोंगरगढ़ में कोई भी अधिवक्ता हतेल परिवार का केस नही लड़ा आज स्थानीय कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी लगाया गया था लेकिन यहाँ के एक भी वकीलों ने हतेल परिवार का केश नही लिया तो राजनांदगांव के वकीलों के माध्यम से अर्जी लगाया गया था लेकिन माननीय न्यायालय ने अर्जी रिजेक्ट कर दिया अब आप खुद ही समझ सकते हो कि कितना इज्जत है आरोपियों का l
Cni news से रोशन कुमार पटेल की रिपोर्ट।


















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