क्या अधिकारियों की खुली छूट फर्जी ट्रैक्टर एजेंसीयों ने अंबागढ़ चौकी में मचा रखी है लूट
अंबागढ़ चौकी में इन दिनों बिना आधिकारिक रूप से ट्रैक्टर एजेंसियों ने अपना कब्जा जमाया हुए हैं।जिसमें भोले भाले ग्रामीणों एवं किसानों को लुभावने उपहार का लालच देकर अपना धंधा चला रहे हैं। मजे की बात तो यह है कि इन एजेंसियों के पास में किसी भी प्रकार से कोई अंबागढ़ चौकी मैं कंपनी से किया हुआ कोई करारनामा नहीं है।
अन्य जिले के ट्रैक्टर एजेन्सी के संचालक अपने ट्रैक्टर की बिक्री करने के लिए यहां पर फर्जी कृषि फार्मा एजेंसियों के नाम से अपनी कंपनी का ट्रैक्टर उपलब्ध करा रहे हैं ।जोकि बिना आरटीओ रजिस्ट्रेशन के यहां तक कैसे पहुंचती है यह एक प्रश्न है फिर भी धड़ल्ले से इस कार्य को अंजाम दिया जा रहा है अधिकारियों को जानकारी के बावजूद भी इन पर कार्यवाही नहीं करना समझ से परे है क्या अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं है या फिर कोई और बात है इन फर्जी ट्रैक्टर एजेंसी पर आखिरकार कार्रवाई कब होगी यह अब देखना होगा इस संबंध में अधिकारियों को पूरी जानकारी समाचार माध्यमों से कराई गई है जिसके बाद टीम गठित करके कार्रवाई करने की बात कही जा रही है। लेकिन क्या यह कार्रवाई हो पाएगी या सिर्फ बातों तक के सीमित रह जाएगा यह तो आगे ही पता चल पाएगा। कुछ दिनों पहले ऐसे ही ट्रैक्टर शोरूम के सामने खड़े एक हार्वेस्टर में दुर्घटना होकर एक कार में सवार युवक की मौत हो गई थी। जिसके बाद भी पुलिसिया कार्रवाई शून्य मात्र की है। समाचार के माध्यम से इस हर की फर्जी ट्रैक्टर एजेंसियों की सूचना जिले के समस्त उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जा चुकी है अब देखना यह है कि अधिकारी इन तक कब पहुंचते हैं।
क्या प्रशासनिक उदासीनता के चलते चली गई दीपेश की जान
एक तरफ जहा पूरा देश दीपावली का त्योहार में खुशियां मना रहा था लोग अपने घरो में दीपक जला रहा थे उसी वक्त सड़क दुर्घटना में मजियापार के सलामे परिवार का दीपक बुझ गया त्योहार के खुशियो के बीच दीपेश के घर परिवार पूरा गांव में मातम छाया हुआ था।
ज्ञात हो कि ग्राम मजियापार का दीपेश सलामे पिता एन सिंह सलामे की त्योहार के दिन अम्बागढ़ चौकी के मोहला मानपुर जाने वाले मुख्य मार्ग में ट्रैक्टर शोरूम के सामने खड़े थ्रेसर से टकराकर दुर्घटना में मौत हो गई जिसे महज सड़क दुर्घटना समझकर कार्यवाही कर खानापूर्ति भी कर दी जाएगी पर सवाल यह खड़ा होता है कि इस तरह की होने वाली घटना का जिम्मेदार कौन है ? वह दुकानदार जिसने अपने फायदे के लिए मुख्य मार्ग पर गाड़ियों को बेचने के लिए खड़े किए हुए था या फिर प्रशासनिक अधिकारी जिनके कंधो पर आम जनता के सुरक्षा की जिम्मेवारी होती है आखिर क्यों एक आम इंसान को इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है सवाल बहुत है और जो जिम्मेदार है उन पर जिम्मेदारी तय भी होनी चाहिए।
जिम्मेदारो की जवाबदेही तय होनी चाहिए
दीपावली के पर्व पर दुकानदारो द्वारा अपने सामान को रोड पर लगाकर बेचा जा रहा था जिससे शहर के अंदर व मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई थी जब नगरीय प्रसाशन पुलिश प्रसासन से लेकर राजस्व प्रसाशन को आमजनता व स्थानीय पत्रकारों द्वारा नगर में फैले अव्यवस्थाओं को लेकर अवगत भी कराया गया था जिसके बावजूद अधिकारियों द्वारा किसी प्रकार की ततपरता नही दिखाई गई और आखिरकार प्रसाशनिक उदासीनता के चलते सड़क दुर्घटना में दीपेश की जान चली गई।
मुख्य मार्ग पर ट्रैक्टर ट्राली रख अवैध पार्किंग का कब्जा
दीपावली त्यौहार के चलते व्यस्त आवागमन वाले क्षेत्र में अवैध पार्किंग कर स्टेट हाइवे की शासकीय जमीन पर ट्रेक्टर व ट्रालियों को खड़ा कर व्यवसाय किया जा रहा है जिस वजह आये दिन सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनता है व कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना के होने इनकार नही किया जा सकता देखना यह है कि अवैध रूप से व्यवसाय करने वालो पर प्रसाशनिक जांच कर कार्यवाही की जाती है या फिर लोगो को इसी तरह हादसों का शिकार होना पड़ेगा।



















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